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नहीं सूखेगी जलधारा, रोज आएगा 5 लाख लीटर पानी, कैसे आएगा इतना पानी जानें पूरी खबर

जयपुर डेयरी ने जेडीए को जताई जरूरत, परिशोधित जल रोज बहता नालों में, महावीर उद्यान व पिकॉक गार्डन के लिए भी प्लानिंग

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नहीं सूखेगी जलधारा, रोज आएगा 5 लाख लीटर पानी, कैसे आएगा इतना पानी जानें पूरी खबर

भवनेश गुप्ता / जयपुर. जेएलएन मार्ग स्थित प्रमुख पर्यटक स्थल जलधारा को अब परिशोधित (ट्रीटेड) पानी से भरा जाएगा। फिलहाल यह जलधारा सूखी पड़ी हुई है। जयपुर डेयरी ने हर दिन पांच लाख लीटर परिशोधित पानी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव जेडीए को सौंपा है। इसके लिए जयपुर डेयरी प्लांट से जलधारा तक पाइप लाइन बिछानी होगी। जेडीए ने इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट के लिए अधिशासी अभियंता व उद्यानविद् को जिम्मेदारी सौंप दी है। ऐसा हुआ तो गंदे व सीवर लाइन के परिशोधित पानी का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

पहली बार है जब किसी दूसरे संस्थान ने आगे बढ़कर पानी के उपयोग की जरूरत जताई है। परिशोधित पानी से ही महावीर उद्यान व पिकॉक गार्डन में सिंचाई करने पर भी मंथन चल रहा है। अभी दोनों जगह सिंचाई के लिए हर दिन करीब 1 लाख लीटर भूजल का उपयोग करना पड़ रहा है। दरअसल, शहर में अभी हर दिन 21 करोड़ लीटर परिशोधित पानी नालों में बहाया जा रहा है।

केवल 60 लाख लीटर पानी का ही उपयोग..
शहर में 1 हजार से ज्यादा उद्यान हैं, जिनमें से केवल तीन बड़े पार्कों को छोड़ सभी जगह भूजल से सिंचाई की जा रही है। शहर में 265 एमएलडी क्षमता के कुल आठ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) संचालित हैं। इसमें से 215 एमएलडी गंदा पानी परिशोधित किया जा रहा है। लेकिन केवल 6 एमएलडी परिशोधित पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया जा रहा है। बाकी पानी को नालों में बहा रहे हैं। यानि, 209 एलएलडी पानी भूजल से खींचा जा रहा है।

काम हो तो प्रति व्यक्ति 70 लीटर पेयजल बचे

प्रति व्यक्ति प्रतिदिन करीब 135 लीटर पानी का उपभोग करता है। इसमें खाने-पीने, नहाने में 70 लीटर पानी का उपभोग मानते हैं। सिंगापुर व अन्य देशों की तर्ज पर ऐसे परिशोधित पानी को घरों तक पहुंचा दिया जाए तो बाकी 70-75 लीटर पेयजल बचाया जा सकता है।

रिपोर्ट बनाई जा रही है

डेयरी ने रोज 5 लाख लीटर परिशोधित पानी देने का प्रस्ताव दिया है। इसका उपयोग जलधारा, महावीर उद्यान में हो सकता है। इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाई जा रही है।

राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, वन संरक्षक, जेडीए