
अब सभी कॉमर्शियल प्रोपर्टी से वसूलेंगे यूडी टैक्स
अब सभी कॉमर्शियल प्रोपर्टी से वसूलेंगे यूडी टैक्स
- नगर निगम ने सरकार को भेजा प्रस्ताव
- हेरिटेज होटलों को भी आवासीय दर से चुकाना होगा टैक्स
- पेइंग गेस्ट, हॉस्टल और गेस्ट हाउस को भी चुकाना होगा टैक्स
जयपुर। शहर के दिनोंदिन बढ रही व्यावसायिक गतिविधियों (Business activities) को देखते हुए नगर निगम (Municipal Corporation Jaipur) ने सभी तरह की कॉमर्शियल प्रोपर्टी (Commercial property) से नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) (Urban development tax) वसूलने की तैयारी कर ली है। इससे 100 वर्गगज से कम की कॉमर्शियल प्रोपर्टी भी टैक्स के दायरे में आएगी। इसके लिए नगर निगम ने प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेज दिया है। इसके अनुसार पेइंग गेस्ट, हॉस्टल और गेस्ट हाउस यूडी टैक्स के दायरे में आएंगे। वहीं हेरिटेज होटलों को आवासीय दर से यूडी टैक्स चुकाना होगा, इसमें भी हेरिटेज होटलों में निर्मित क्षेत्र या भूखंड क्षेत्रफल में जो अधिक होगा, उसके अनुपात में यूडी टैक्स चुकाना होगा। प्रस्ताव पर सरकार से स्वीकृति मिलते ही नगर निगम इन्हें टैक्स के दायरे में लाकर यूडी टैक्स वसूल करेगा।
नगर निगम ने हेरिटेज होटलांे से अब आवासीय दर से यूडी टैक्स वसूलने की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें भी अब कर की गणना सम्पूर्ण भूखंड क्षेत्रफल या निर्मित क्षेत्रफल देानों में जो अधिक होगा, उसके अनुसार आवासीय दर से कर की गणना की जाएगी। अभी निर्मित क्षेत्रफल के आधार पर औद्योगिक दर से कर की गणना का प्रावधान कर रखा है, वहीं खाली भूखंड पर कोई टैक्स नहीं चुकाना पड़ रहा है। बात करें बजट होटल और वन स्टार, टू स्टार और थ्री स्टार होटलों की तो इनसे भी निर्मित या भूखंड क्षेत्रफल में जो भी अधिक होगा, उसके अनुसार आवासीय दर से यूडी टैक्स वसूल किया जाएगा। अभी इन होटलों पर औद्योगिक दर से यूडी टैक्स वसूल किया जा रहा है, वहीं खाली भूखंड पर औद्योगिक दर का 50 फीसदी ही टैक्स वसूल किया जाता है। जबकि फोर और फाइव स्टार होटलों से भूखंड क्षेत्रफल या निर्मित क्षेत्र दोनों में जो भी अधिक होगा, उसके अनुसार व्यावसायिक दर से यूडी टैक्स वसूल किया जाएगा। अभी सिर्फ निर्मित क्षेत्र पर ही टैक्स चुकाया जा रहा है, खाली भूखंड पर 50 फीसदी की छूट मिली हुई है।
नगर निगम उपायुक्त राजस्व प्रथम की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार सभी तरह के पेइंग गेस्ट, होस्टल और गेस्ट हाउस से आवासीय दर से यूडी टैक्स वसूला जाएगा। नगर निगम ने इन्हें भी कमाई का जरिया मानते हुए 100 वर्गगज से कम क्षेत्रफल में भी बने पेइंग गेस्ट, होस्टल और गेस्ट हाउस से यूडी टैक्स वसूलने की तैयारी की है। नगर निगम ने जयपुर एयरपोर्ट से भी व्यावसायिक दर से यूडी टैक्स वसूली करने के लिए सरकार से स्वीकृति मांगी है। अभी जयपुर एयरपोर्ट सालाना 20 लाख रुपए यूडी टैक्स चुका रहा है, इसमें कॉमर्शियल प्रोपटी के अलावा रनवे आदि को यूडी टैक्स के दायरे से बाहर रख रखा है। प्रस्ताव में रनवे एरिया को भी यूडी टैक्स के दायरे में शामिल किया है।
Published on:
14 Nov 2019 06:05 pm
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