
जयपुर मेट्रो (फोटो-पत्रिका)
जयपुर। राजधानी जयपुर की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाली जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना को आखिरकार केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इस बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सकता है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर करीब 30 लाख लोग रोजाना जयपुर मेट्रो से सफर कर सकेंगे। वहीं, जिन इलाकों से मेट्रो लाइन गुजरेगी वहां रियल एस्टेट गतिविधियां तेजी से बढ़ने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति दी गई। करीब 13,038 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट टोड़ी मोड़ से प्रहलादपुरा तक लगभग 41 किलोमीटर लंबे उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा। सरकार ने इसे सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
यह परियोजना राजस्थान मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMRCL) द्वारा लागू की जाएगी और इसमें केंद्र और राज्य सरकार की 50-50 प्रतिशत भागीदारी होगी। जयपुर मेट्रो का पहला चरण पहले से संचालित है, जिसकी लंबाई करीब 11.6 किलोमीटर है और इसमें प्रतिदिन लगभग 60 हजार यात्री सफर करते हैं। लेकिन दूसरे चरण के शुरू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 30 लाख यात्रियों प्रतिदिन तक पहुंचने का अनुमान है।
जयपुर मेट्रो फेज-2 में कुल 36 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें से 34 स्टेशन एलिवेटेड और 2 स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे। एयरपोर्ट क्षेत्र के आसपास भूमिगत स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को सीधे मेट्रो से हवाई अड्डे तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। यह नया कॉरिडोर मौजूदा मेट्रो लाइन से इंटरचेंज और फीडर सेवाओं के माध्यम से जुड़कर पूरे शहर में एकीकृत मेट्रो नेटवर्क तैयार करेगा।
इस परियोजना के तहत शहर के कई प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्र सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। प्रस्तावित स्टेशनों में टोड़ी मोड़, हरमाड़ा घाटी, हरमाड़ा, वीकेआई रोड नंबर 14, वीकेआई रोड नंबर 9, वीकेआई रोड नंबर 5, विद्याधर नगर, सेक्टर-2, भवानी निकेतन, अंबाबाड़ी, पानीपेच, कलेक्ट्रेट, खासा कोठी सर्कल, गवर्नमेंट हॉस्टल, अशोक मार्ग, एसएमएस हॉस्पिटल, नारायण सिंह सर्कल, रामबाग सर्कल, नेहरू पैलेस, गांधीनगर स्टेशन, गोपालपुरा, दुर्गापुरा, बीटू बायपास चौराहा, पिंजरापोल गौशाला, हल्दीघाटी गेट, कुंभा मार्ग, जीईसीसी, सीतापुरा, गोनेर मोड़, बीलवा, बीलवा कलां, सहारा सिटी और प्रहलादपुरा शामिल हैं।
मेट्रो फेज-2 के जरिए सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया (VKI), जयपुर एयरपोर्ट, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल, सचिवालय, कलेक्ट्रेट, नगर निगम और जेडीए जैसे प्रमुख संस्थान सीधे जुड़ जाएंगे। इससे मरीजों, कर्मचारियों, छात्रों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
परियोजना के पूरा होने के बाद शहर में निजी वाहनों की निर्भरता कम होगी। अनुमान है कि वर्ष 2055 तक सड़कों से करीब 2.4 लाख वाहन कम हो जाएंगे, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में बड़ी कमी आएगी। इसके साथ ही जयपुर का सार्वजनिक परिवहन तंत्र और मजबूत होगा।
मेट्रो लाइन बनने से जिन इलाकों से यह कॉरिडोर गुजरेगा वहां रियल एस्टेट गतिविधियां तेजी से बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से इन क्षेत्रों में जमीन और संपत्तियों के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं और कई इलाकों का शहरी विकास तेज होगा।
कुल मिलाकर, जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना शहर की स्मार्ट मोबिलिटी, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक शहरी विकास की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी। इसके पूरा होने के बाद गुलाबी नगरी की परिवहन व्यवस्था नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की उम्मीद है।
Updated on:
09 Apr 2026 03:09 pm
Published on:
09 Apr 2026 01:49 pm
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