नगर निगम (Jaipur Municipal Corporation) में लॉकडाउन के बाद अब फिर से जन्म प्रमाण पत्र (Birth certificate) बनवाने के लिए लोगों की कतारें लगने लगी है। नगर निगम मुख्यालय सहित शहर में अब रोजाना औसतन करीब एक हजार से अधिक जन्म प्रमाण पत्र बन रहे है। मुख्यालय में ही रोजाना करीब 500 से 700 जन्म प्रमाण पत्र बन रह है। जबकि लॉकडाउन के दौरान एक माह में गिने—चुने ही जन्म प्रमाण पत्र बन रहे थे।
अब रोजाना बन रहे 1000 जन्म प्रमाण पत्र
— लॉकडाउन में लगा ब्रेक, अब उमडने लगी भीड
— नगर निगम में जन्म प्रमाण पत्र के लिए लगने लगी कतारें
जयपुर। नगर निगम (Jaipur Municipal Corporation) में लॉकडाउन के बाद अब फिर से जन्म प्रमाण पत्र (Birth certificate) बनवाने के लिए लोगों की कतारें लगने लगी है। नगर निगम मुख्यालय सहित शहर में अब रोजाना औसतन करीब एक हजार से अधिक जन्म प्रमाण पत्र बन रहे है। मुख्यालय में ही रोजाना करीब 500 से 700 जन्म प्रमाण पत्र बन रह है। जबकि लॉकडाउन के दौरान एक माह में गिने—चुने ही जन्म प्रमाण पत्र बन रहे थे।
लॉकडाउन में जन्म प्रमाण पत्रों पर ब्रेक सा लग गया था, जो अब वापस गति पकडने लगा है। नगर निगम में इस साल मार्च 8100 जन्म प्रमाण पत्र बने थे, जो अप्रेल में लॉकडाउन के दौरान घटकर सिर्फ 2800 रह गए। वहीं मई में 3000 जन्म प्रमाण पत्र बने। जून में कुछ संख्या बढकर 18000 हो गई। अब जुलाई में फिर से जन्म प्रमाण पत्र बनवाने वालों की कतार लगगे लगी है। निगम अधिकारियों की मानें तो अब रोजाना लॉकडाउन से पहले की स्थित हो गई है। इनदिनों रोजाना शहर में करीब एक हजार से अधिक जन्म प्रमाण पत्र बन रहे है। नगर निगम मुख्यालय की बात करें तो यहां रोजाना 500 से 700 जन्म प्रमाण पत्र बन रहे है। जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों की लम्बी कतारें लग रही है। इसके चलते यहां सोशल डिस्टेंस की पालना भी नहीं हो रही है। जन्म मत्यु रजिस्टार प्रदीप पारीक ने बताया कि लॉक डाउन में जन्म प्रमाण पत्र पर ब्रेक सा लग गया था, गिने—चुने जन्म प्रमाण पत्र बने थे। अब लॉकडाउन से पहले वाली स्थिति संख्या में जन्म प्रमाण पत्र बनने लगे हैं। रोजाना एक हजार से अधिक जन्म प्रमाण पत्र बन रहे हैं।