जयपुर. साल के पहले पुष्य नक्षत्र पर गुलाबी नगरी के गणेश मंदिरों में प्रथम पूज्य का पंचामृताभिषेक किया गया। इसके बाद गणपति सहस्त्रनाम के पाठ के साथ मोदक का भोग अर्पित किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर गणपति के जयकारों से गूंज उठे। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में बुरा, शहद, घी, दूध, दही से प्रथम पूज्य का पंचामृताभिषेक किया गया। परकोटे वाले गणेश मंदिर में पंडित अमित शर्मा के सान्निध्य में गणेशजी का अभिषेक किया गया। वहीं माउंट रोड स्थित नहर के गणेशजी के महंत जय शर्मा के सान्निध्य में पुष्य नक्षत्र पर अभिषेक किया गया। इधर सूरजपोल बाजार स्थित श्वेत सिद्धि विनायक मंदिर सहित शहर के सभी गणेश मंदिरों में प्रथम पूज्य का पंचामृत अभिषेक किया गया। इसके बाद भक्तों को रक्षा सूत्र बांध कर हल्दी की गांठ प्रसाद स्वरूप वितरित किया। श्रद्धालुओं ने प्रथम पूज्य को मनोकामना पूर्ति के लिए दूर्वा, हल्दी, प्रसाद व नारियल चढा कर गजानंद का आशीर्वाद प्राप्त किया। शाम को गजानंद भगवान का शृंगार कर फूल बंगले में विराजमान कराया जाएगा।
बन रहा सर्वार्थसिद्धि योग
आज रविवार होने से रवि पुष्य संयोग बन रहा है। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग का संयोग भी है। इसलिए खरीदारी और नई शुरुआत के लिए पूरा दिन शुभ रहेगा। पं. सुरेश शास्त्री के अनुसार पुष्य नक्षत्र खरीदारी, लेन-देन, निवेश के साथ ही नौकरी और बिजनेस में नई शुरुआत करने के लिए फायदेमंद माना जाता है।