
जयपुर। गोविंददेवजी मंदिर परिसर में अस्थाई तौर पर लगने वाली दुकानों को हटा दिया गया। कार्रवाई के दौरान 29 दुकानों को ध्वस्त कर दिया और छह दुकानों को सील कर दिया। दोपहर बाद कार्रवाई शुरू हुई और देर शाम तक दुकानों का मलबा हटाने का काम चला। उच्च न्यायालय के आदेश पर यह कार्रवाई हुई। वर्षों से ये दुकानें मंदिर परिसर में ही चल रही थीं। यही वजह है कि दुकानदार निगम की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे।
कार्रवाई के पहले हैरिटेज नगर निगम के अधिकारियों ने दुकानदारों को समझाने और स्वेच्छा से हटने का आग्रह किया। कई दुकानदार इस बीच अपनी दुकानें बंद कर चले गए। कुछ ने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद निगम की टीम ने सामान जब्त करना शुरू किया। इसके बाद दुकानदारों ने आकर खुद ही सामान उठा लिया।
आमेर—हवामहल जोन उपायुक्त दिलीप शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने इन्हें सभी दुकानों को सड़क पर बैठा हुआ माना है। कोर्ट आदेश की पालना में इनको हटाया गया है। साथ ही गौरांग महाप्रभु मंदिर के पास इन सभी को दुकानें आवंटित की हैं।
सतर्कता शाखा के उपायुक्त इस्लाम खान ने कहा कि कार्रवाई के दौरान छह दुकानों को सील किया है। ये सभी पक्की दुकानें हैं। दुकानदारों के कागजों का परीक्षण करवाया जाएगा।
दुकानों की करवाई मरम्मत
कोर्ट के आदेश की पालना में निकाली गई लॉटरी के बाद निगम ने इन दुकानों की सुध ली है। दुकानों के बाहर रंग—रोगन कराया गया है। सफाई करके गंदगी को हटाने के साथ ही यहां लगी टाइल्स को भी सही तरीके से लगाया गया है।
हाल ही में इन दुकानों की लॉटरी निकाली गई थी, लेकिन किसी भी दुकानदार ने उसमें हिस्से नहीं लिया था।
Published on:
27 Dec 2021 02:04 am
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