
शरद पूर्णिमा पर सजेगी महारास की झांकी , लगेगा खीर का भोग
जयपुर. राजधानी जयपुर के मंदिरों में आज सर्वार्थसिद्धि व राजयोग में रविवार को शरद पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज ठाकुरजी को धवल चांदनी में धवल पोशाक धारण करवाकर खीर का भोग लगाया जाएगा। इस दौरान ठाकुरजी मंदिरों में विशेष झांकी सजाई जाएगी। कई मंदिरों में ठाकुरजी को चांदनी में विराजित कर खीर का भोग लगाया जाएगा। सुबह यह खीर प्रसाद के रूप में वितरित की जाएगी।
आज शाम शहर के आराध्य गोविन्ददेव जी मंदिर में ठाकुर जी को सफेद पोशाक धारण कराकर सफेद पुष्पों से शृंगार किया जाएगा। शाम 7.15 से 7.30 बजे शरद पूर्णिमा की विशेष झांकी सजाई जाएगी। इसमें ठाकुर श्रीजी को सफेद पोशाक धारण कराकर विशेष अलंकार और फूलों से शृंगार किया जाएगा साथ ही खीर और खीरसा का भोग अर्पण किया जाएगा। इस मौके पर ठाकुर श्रीजी का शरद का खाट सजाया जाएगा। साथ में ठाकुर जी को दूध, पान, इत्र दान अर्पण किए जाएंगे
समाज श्री सीताराम की ओर से छोटी चौपड़ स्थित मंदिर श्री सीतारामजी में रात्रि 8 बजे से शरद उत्सव मनाया जाएगा। सीताराम जी के विग्रह को सफेद पोशाक धारण कराई जाएगी। भगवान राधा-कृष्ण के समक्ष चौपड़-पासा रखे जाएंगे। रासलीला के भजन गाकर ठाकुर को रिझाया जाएगा। मंत्री राम बाबू झालानी ने बताया कि खीर का भोग लगाकर भक्तों को आयुर्वेदिक औषधि युक्त खीर वितरित की जाएगी।
चांदपोल बाजार के जयलाल मुंशी का रास्ता स्थित युगल कुटीर में श्री प्रेमभाया सरकार का शरद चांदनी उत्सव रात्रि आठ से 12 बजे तक भक्ति संगीत के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर श्री प्रेमभाया सरकार को धवल पोशाक धारण कराकर खीर का भोग लगाया जाएगा। धवल पुष्पों से शृंगार किया जाएगा।
औषधी युक्त खीर का होगा वितरण
शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की 16 कलाओं की रश्मियों के नीचे खीर रख कर खाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। पुरानी विधान सभा के सामने स्थित रामचंद्रजी के मंदिर में दिव्य ज्योति जाग्रति ट्रस्ट की ओर से आयुर्वेदिक उपचार शिविर लगाया जा रहा है। शाम 7 बजे से आयोजित शिविर में रोगियों से रात्रि जागरण करवाया जाएगा। सोमवार सुबह श्वास संबंधी रोगों से ग्रसित लोगों को औषधीयुक्त खीर दी जाएगी
Published on:
09 Oct 2022 02:08 pm
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