
BJP MLA Balmukund Acharya
Jaipur Poster Controversy: राजधानी जयपुर के जौहरी बाजार स्थित जामा मस्जिद के बाहर पोस्टर लगाने और नारेबाजी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य के खिलाफ माणक चौक थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। विधायक पर धार्मिक भावनाएं भड़काने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप लगे हैं।
दरअसल, बीती रात जयपुर के बड़ी चौपड़ और जौहरी बाजार इलाके में बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य अपने समर्थकों के साथ पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए और दीवारों पर पोस्टर चिपकाए।
विवाद तब गहरा गया जब विधायक आचार्य और उनके समर्थक जामा मस्जिद की सीढ़ियों तक पहुंच गए और वहीं पाकिस्तान मुर्दाबाद के पोस्टर लगाए तथा नारेबाजी की। उस समय मस्जिद के अंदर नमाज चल रही थी। मस्जिद प्रशासन ने इस घटना पर आपत्ति जताई और बाद में विधायक आचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई।
बताते चलें कि जामा मस्जिद कमेटी ने इस घटना से जुड़ा CCTV फुटेज भी सार्वजनिक किया है। कमेटी का कहना है कि फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि विधायक बालमुकुंद आचार्य मस्जिद की सीढ़ियों तक चढ़ आए थे और नमाज के समय भीड़ के साथ नारेबाजी कर रहे थे।
कमेटी ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को आहत करती है, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द के लिए भी खतरा पैदा करती है।
घटना के बाद जामा मस्जिद में प्रेसवार्ता करते हुए कांग्रेस विधायक रफीक खान ने कहा कि पहलगाम की आतंकी घटना से पूरा देश दुखी है। हमने ऑल पार्टी मीटिंग में सरकार का समर्थन किया, लेकिन धार्मिक स्थलों की मर्यादा का उल्लंघन करके कैसी राजनीति की जा रही है? मस्जिद के बाहर पाकिस्तान मुर्दाबाद के पोस्टर से किसी को आपत्ति नहीं थी, लेकिन मस्जिद की सीढ़ियों पर जूते-चप्पल पहनकर चढ़कर नारेबाजी करना स्वीकार्य नहीं है। वहीं, रफीक खान ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन किया जाएगा।
विधायक अमीन कागजी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा ना हम और ना ही जयपुर का कोई मुसलमान पाकिस्तान के साथ है। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने से किसी को एतराज नहीं है, लेकिन धार्मिक स्थलों के सम्मान का उल्लंघन किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पोस्टर विवाद के मामले में मोहम्मद निजामुद्दीन ने प्रेस वार्ता में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुई आतंकी घटना से हम सभी दुखी हैं और इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। लेकिन कल रात जामा मस्जिद के बाहर हुई घटना, जिसमें हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य द्वारा नमाज के समय मस्जिद के बाहर व अंदर आपत्तिजनक नारे लगाए गए, वह पूरी तरह गलत है। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जो सभी के सामने है।
मोहम्मद निजामुद्दीन ने आगे बताया कि इस मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर के साथ वार्ता हुई है और पुलिस प्रशासन को स्थिति को नियंत्रित करने व उचित कार्रवाई के लिए दो दिन का समय दिया गया है।
जामा मस्जिद के धर्मगुरुओं ने भी आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोगों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज शाम को कोई प्रदर्शन नहीं होगा और पुलिस को अपना काम करने दिया जाएगा। धर्मगुरुओं ने अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी और लोगों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में विधायक बालमुकुंद आचार्य अपने समर्थकों के साथ बड़ी चौपड़ पर प्रदर्शन करने पहुंचे। इस दौरान ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए और कई दीवारों पर पोस्टर चिपकाए गए। प्रदर्शनकारी जब जामा मस्जिद के पास पहुंचे, तो विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि विधायक आचार्य ने मस्जिद की सीढ़ियों पर ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ लिखे पोस्टर चिपकाए और मस्जिद की सीढ़ियों पर लातें मारी। उस समय मस्जिद में रात की नमाज चल रही थी, जिससे वहां मौजूद लोगों में गुस्सा भड़क गया। देखते ही देखते भारी भीड़ मस्जिद के बाहर जमा हो गई और विधायक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
Published on:
26 Apr 2025 05:43 pm
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