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जयपुर। आर्थिक तंगी से जूझ रहे जयपुर विकास प्राधिकरण ने राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए नया फॉर्मूला अपनाया है। अब जेडीए के अधिकारियों—कर्मचारियों की वार्षिक मूल्यांकन प्रतिवेदन (एसीआर) का ग्रेड राजस्व वसूली और राजस्व बढ़ाने के साथ जोड़ा जाएगा। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों का राजस्व बढ़ोतरी में अच्छा प्रदर्शन होगा, उन्हें ही गुड, वैरी गुड और एक्सीलेंट जैसे ग्रेड मिल पाएंगे। जिनका प्रदर्शन राजस्व जुटाने में कमजोर रहेगा, उन्हें एसीआर में ग्रेड भी कमतर मिलेगा। जेडीए आयुक्त टी रविकांत ने सभी जोन उपायुक्तों को
जेडीए अधिकारियों—कर्मचारियों की एसीआर भरने से पहले रेवेन्यू क्लेक्शन की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। अब जेडीए में एसीआर भरने से पहले राजस्व बढ़ाने के प्रयासों को ध्यान में रखा जाएगा। जब जेडीसी जोन उपायुक्तों की एसीआर भरेंगे तो यही फॉर्मूला उन पर भी लागू होगा।
राजस्व वसूली में ढिलाई पर जेडीसी सख्त
जेडीए आयुक्त टी. रविकांत ने राजस्व अर्जित करने में ढिलाई बरतने पर नाराजगी जताई है। जेडीसी ने बीते 6 महीनों में कई जोन में राजस्व वसूली लक्ष्य से कम होने पर अधिकारियों—कर्मचारियों को फटकार लगाई है। जेडीसी ने उपायुक्तों से कहा है कि अब अच्छी एसीआर भरने से पहले राजस्व वृद्धि के लिए किए गए प्रयासों को रखा जाए। जेडीसी ने राजस्व अर्जित करने पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए हैं। अब जेडीए की लीज राशि को भी वसूलने के लिए नियमित कार्रवाई की जाएगी। बीते 6 माह में जो संपत्ति बार-बार नीलामी करने पर भी बिकी नहीं है, उसकी समीक्षा की जाएगी। नहीं बिकने वाली संपत्तियों में लोगों की सुविधा और डिमांड के हिसाब से भूखण्ड की साइज को छोटा-बड़ा किया जाएगा।
भूखण्ड नीलामी पर रहेगा जोर
जेडीए की विभिन्न लोकेशन पर उपलब्ध भूखण्डों को नीलामी करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सभी जोन उपायुक्त अपने-अपने जोन में उपलब्ध भूखण्डों और अन्य संपत्तियों की सूची तैयार करेंगे। बड़े भूखण्डों की रिप्लानिंग करके छोटे भूखण्ड सृजित कर नीलामी कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। जेडीए की पुरानी आवासीय योजनाओं में शेष रहे भूखण्डों की सूची तैयार की जाएगी। शेष भूखण्डों का जल्द ही लॉटरी से आवंटन किया जाएगा।
Published on:
04 Sept 2019 12:38 pm
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