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300 साल बाद जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र का अलग से मास्टर प्लान, ऐसा बना ब्ल्यू प्रिंट

Jaipur City Master Plan: 300 साल बाद जयपुर के परकोटा क्षेत्र का यह अलग से मास्टर प्लान होगा। इसके लिए अलग से पॉलिसी तैयार की जा रही है।

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300 साल बाद चारदीवारी क्षेत्र का अलग से मास्टर प्लान, ऐसा बना ब्ल्यू प्रिंट

300 साल बाद चारदीवारी क्षेत्र का अलग से मास्टर प्लान, ऐसा बना ब्ल्यू प्रिंट

गिर्राज शर्मा/जयपुर
विश्व विरासत सिटी यानी चारदीवारी क्षेत्र के संरक्षण के लिए ब्ल्यू प्रिंट तैयार हो गया है। विश्व विरासत की सूची में शामिल चारदीवारी के 6.9 वर्ग किलोमीटर एरिया का अलग से स्पेशल एरिया मास्टर डवलपमेंट प्लान—2041 तैयार किया जा रहा है। करीब 300 साल बाद परकोटे क्षेत्र का यह अलग से मास्टर प्लान होगा। इसके लिए अलग से पॉलिसी तैयार की जा रही है।

विश्व विरासत के संरक्षण के लिए स्पेशल एरिया मास्टर डवलपमेंट प्लान—2041 का जो ब्ल्यू प्रिंट तैयार किया गया है, उसमें जीवंत शहर, सुगम, स्वच्छ और समृद्ध पर फोकस किया गया है। विश्व विरासत शहर में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इन चार प्रमुख बिंदुओं पर फोकस करते हुए प्लानिंग की जा रही है।

1. जीवंत शहर : इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, पानी व बिजली की सुविधाओं को लेकर प्लान तैयार किया गया है। उपलब्ध खुले क्षेत्र को अधिक से अधिक खुला रखने की पॉलिसी तैयार की जा रही है।

2. सुगम : इसमें शहर में बेहतर परिवहन सुविधाएं विकसित करने पर फोकस किया गया है। इसके लिए मेट्रो विस्तार के साथ प्रदूषण मुक्त संसाधनों पर फोकस रहेगा।

3. स्वच्छ: शहर में बेहतर सफाई व्यवस्था होगी। इसके लिए सख्ती का प्रावधान किए गए है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के कड़े प्रावधान किए गए है। नियमों की पालना नहीं करने वालों के खिलाफ सजा तक के प्रावधान तय किए जा रहे है।

4. समृद्ध: विश्व विरासत हिस्से में परंपरागत उद्योग धंधों को जीवंत किया जाएगा। लोगों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। विशेष मार्केट विकसित किए जाएंगे। वहीं यातायात में बाधित गतिविधियों को बाहर शिफ्ट किया जाएगा। परंपरागत उद्योग को प्रोत्साहित किया जाएगा। व्यावसायिक गोदामों के लिए अलग से पॉलिसी तैयार की जा रही है।

मास्टर प्लान में खास—खास..
— 30 वार्ड शामिल किए गए है हैरिटेज नगर निगम के
— 9 चौकडियां शामिल की गई है परकोटा क्षेत्र की
— 9 मुख्य दरवाजे भी शामिल किए गए है इस क्षेत्र में
— 1575 से अधिक हैरिटेज हवेलियां व भवनों को शामिल किया गया है

1727 में प्लान के अनुसार हुई जयपुर की बसावट
जयपुर शहर की बसावट 1727 में प्लान के अनुसार हुई, इसके बाद शहर का विस्तार होता गया। पूरे जयपुर शहर का पहला मास्टर प्लान साल 1971 में बना, जो वर्ष 1971 से 1996 तक के लिए बना। इसके बाद दूसरा मास्टर प्लान 1996 से 2011 तक के लिए बना। वहीं तीसरा मास्टर प्लान 2011 से 2025 तक के लिए बना है। अब नया मास्टर प्लान 2041 तक के लिए बन रहा है। इसमें विश्व विरासत सिटी में शामिल चारदीवारी क्षेत्र के 6.9 वर्ग किलोमीटर एरिया का अलग से मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।

6 लाख की आबादी के हिसाब से बन रहा चारदीवारी का मास्टर प्लान
जयपुर शहर की बसावट के दौरान इसका प्लान 6 लाख की आबादी के हिसाब से बनाया गया था। इसके बाद शहर का विस्तार होता गया। अब विश्व विरासत सिटी में शामिल चारदीवारी क्षेत्र का मास्टर प्लान 300 साल बाद भी 6 लाख की आबादी के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि परकोटे की आबादी समय के बाद बाहर शिफ्ट होती जा रही है, इसे रोकने के लिए

यूं बना शहर का मास्टर प्लान
पहला — 1971 से 1996 तक के लिए
दूसरा — 1996 से 2011 तक के लिए
तीसरा — 2011 से 2025 तक के लिए
चौथा — 2025 से 2041 के लिए बन रहा


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