
जयपुर : वसुंधरा की 'विदाई', सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड सहित कई घटनाओं का साक्षी बना वर्ष 2023
Year Ender 2023 For Rajasthan : राजस्थान में वर्ष 2023 को सत्ता परिवर्तन एवं सरकार में नए नेताओं को आगे लाने की धारणा की शुरुआत सहित विभिन्न घटनाओं के लिए याद किया जाएगा। वर्ष 2023 का आखिरी महीना दिसंबर ज्यादा चर्चा में रहा और 25 नवंबर को राज्य में हुए 16वीं विधानसभा के चुनाव परिणाम तीन दिसंबर को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में आने एवं प्रदेश में चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा (Chiranjeevi Health Insurance) जैसी ऐतिहासिक योजना देने वाली अशोक गहलोत सरकार को जनता द्वारा नकार देने से यह वर्ष सत्ता परिवर्तन के रूप में भी याद रहेगा।
भाजपा के विधानसभा चुनाव में 115 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत प्राप्त करने के बाद अगले दस दिनों तक कौन बनेगा मुख्यमंत्री को लेकर भी राज्य एवं राज्य के बाहर चर्चाएं रही और पहली बार लोगों को लगने लगा कि इस बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान में मुख्यमंत्री के लिए चौका सकते हैं और वहीं हुआ। 12 दिसंबर को पर्यवेक्षक एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जब मनोनीत मुख्यमंत्री का चुनाव करने जयपुर आए और भाजपा विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री नाम का प्रस्ताव रखने के लिए जब पर्ची थमाई तो उन्होंने पर्ची में नाम देखकर राजनाथ की तरफ देखा और जो हावभाव नजर आए, वह फोटो भी काफी चर्चित रहा।
नए चेहरों के साथ सबको चौंकाया
12 दिसंबर को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में जयपुर के सांगानेर से पहली बार विधायक चुने गए भजन लाल शर्मा को मनोनीत मुख्यमंत्री एवं विद्याधरनगर से विधायक दीया कुमारी एवं दूदू से विधायक डॉ. प्रेम चंद बैरवा को उपमुख्यमंत्री चुनकर न केवल सबको चौकाया बल्कि सरकार में नए लोगों को अवसर देने की नई धारणा इजाद हुई, जिसका वर्ष 2023 साक्षी रहा। वर्ष 2023 इस कारण भी चर्चित रहा कि 15 दिसंबर को भजन लाल शर्मा, दीया कुमारी एवं डॉ. बैरवा के पद की शपथ लेने के बाद करीब दो सप्ताह तक यह ही चर्चा रही कि मंत्री किसे बनाया जाएगा। मंत्रियों को लेकर लगाए जा रहे कयास भी उस समय गलत साबित हो गए जब 29 दिसंबर को भजन लाल सरकार के मंत्रिमंडल के 22 सदस्यों ने शपथ ली। उनमें 17 नए चेहरों को मौका देकर एक बार फिर सबको चौंका दिया गया और जिसका वर्ष 2023 गवाह बना और इसके इतिहास में यह सब दर्ज हो गया।
राजे, सराफ को दरकिनार कर पहली बार विधायक बने शर्मा को बनाया सीएम
भाजपा में दो बार मुख्यमंत्री रही वंसुधरा राजे, आठवीं बार विधायक बने कालीचरण सराफ सहित कई वरिष्ठ नेताओं के इस बार भी चुनाव जीतने के बावजूद भाजपा ने नए चेहरे भजन लाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाया और दीया कुमारी और डॉ. बैरवा को उपमुख्यमंत्री बनने का अवसर प्रदान किया जो एक इतिहास बन गया। इसी प्रकार मंत्रिमंडल विस्तार में भी करीब डेढ़ दर्जन नए चेहरों को आगे लाकर नए नेताओं को सरकार में अवसर देने के युग की शुरुआत मानी जा रही हैं और उसका वर्ष 2023 साक्षी बना है।
वर्ष 2023 को इस रूप में भी याद किया जाएगा कि जनता ने जिस पार्टी को स्पष्ट जनादेश दिया उस पार्टी के दिग्गज नेता एवं नेता प्रतिपक्ष रहे राजेन्द्र सिंह राठौड़ एवं पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं उपनेता प्रतिपक्ष रहे डॉ. सतीश पूनियां चुनाव हार गए। इससे पहले इस वर्ष दो अप्रेल को राठौड़ को नेता प्रतिपक्ष एवं डा पूनियां को उपनेता प्रतिपक्ष बनाए गए, जबकि सांसद सी पी जोशी को प्रदेश में पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया।
इससे पहले 12 फरवरी को नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया को असम का राज्यपाल बनाया गया। इसके अलावा इस साल को इसलिए भी याद किया जाएगा कि जिस पार्टी के 115 विधायक जीतकर आए हों और उस पार्टी के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में जब 22 मनोनीत मंत्री शपथ लेते हैं उसमें राज्य मंत्री के रुप में शपथ लेने वाले सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी भी शामिल थे जो अभी विधायक प्रत्याशी हंै। यह प्रदेश में पहली बार देखने को मिल रहा है कि जिस व्यक्ति ने मंत्री की शपथ ली है वह अभी विधायक प्रत्याशी है और आगामी पांच जनवरी को विधायक का चुनाव लड़ेगा। हालांकि, टीटी इससे पहले भी मंत्री रह चुके हैं।
छाया रहा लाल डायरी का मुद्दा
वर्ष 2023 के जुलाई महीने में लाल डायरी का मुद्दा ऐसा आया कि वह पूरे साल प्रदेश में छाया रहा। 21 जुलाई को तत्कालीन सैनिक कल्याण मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा को उनके द्वारा अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करने के सदन में दिए बयान के बाद मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद गुढ़ा लाल डायरी लेकर आए और आरोप लगाया कि इसमें कई राज छुपे हैं। उन्होंने विधानसभा में लाल रंग की एक दूसरी लाल डायरी लेकर पहुंचे जिससे सदन में जोरदार हंगामा हुआ और इसके बाद लाल डायरी एक बड़ा मुद्दा बन गया।
इसी तरह वर्ष 2023 में 12 अप्रेल को पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने वसुंधरा सरकार के समय हुए भ्रष्टाचार की जांच की अपनी कांग्रेस सरकार से मांग करते हुए जयपुर में एक दिन का उपवास किया। पायलट ने 12 मई को भ्रष्टाचार एवं पेपर लीक मुद्दे को लेकर अजमेर से जयपुर तक 125 किलोमीटर की जनसंघर्ष यात्रा भी निकाली जिसे उनकी इस यात्रा को उनका शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा था।
इन घटनाओं ने भी खींचा सबका ध्यान
इसके अलावा वर्ष 2023 अन्य कई घटनाओं के कारण भी चर्चा में रहा जिसमें तीन अगस्त को भीलवाड़ा में एक किशोरी को सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसे कोयले की भट़्टी में जला दिया गया। फरवरी में भरतपुर से जुनैद और नासिर को अगवा कर हरियाणा में हत्या कर देने का मामला भी चर्चा में रहा। मई में जयपुर में योजना भवन में एक अलमारी से 2.31 करोड़ नगद और एक किलो सोना मिलने का मुद्दा भी छाया रहा। पांच दिसंबर को जयपुर में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की दिनदहाड़े हत्या और इसके बाद इसके दोनों शूटरो के पकड़ा जाना और इसके बाद इस हत्याकांड के शूटर रोहित सिंंह राठौड़ की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाना भी वर्ष 2023 में दर्ज हो गया। इस प्रकार वर्ष 2023 अन्य कई घटनाओं का साक्षी रहा।
Published on:
31 Dec 2023 06:58 pm
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