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म्यूजिक मेरे लिए लाइफ की तरह है: प्रतीक

The Way that Lovers Do : 27 नवंबर को जयपुर में होगा शो

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जयपुर

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Aryan Sharma

Nov 10, 2022

म्यूजिक मेरे लिए लाइफ की तरह है: प्रतीक

म्यूजिक मेरे लिए लाइफ की तरह है: प्रतीक

जयपुर. सॉन्ग राइटर, कंपोजर और सिंगर प्रतीक कुहाड़ इन दिनों 'द वे दैट लवर्स डू' वर्ल्ड टूर के इंडिया लेग पर हैं। इस टूर में देशभर के 15 शहर शामिल हैं। इसके तहत प्रतीक 27 नवंबर को जयपुर में परफॉर्म करने जा रहे हैं। खास बात यह है कि प्रतीक जयपुर से ही बिलॉन्ग करते हैं। उनकी स्कूल एजुकेशन भी यहीं हुई है। अपनी म्यूजिक जर्नी के बारे में प्रतीक कहते हैं, 'म्यूजिक में इंटरेस्ट बचपन से था। शुरुआत से काफी म्यूजिक सुनता रहा हूं। थोड़ा बहुत गाता भी रहता था। फिर करीब 16-17 साल की उम्र में मैंने गिटार सीखना शुरू किया। इससे मेरा इंटरेस्ट काफी बढ़ गया। जब 18 साल का था तो जयपुर से न्यूयॉर्क शिफ्ट हो गया। मैं वहां मैथ्स और इकोनॉमिक्स में हायर स्टडीज के लिए गया था। यही वह समय था जब मैंने म्यूजिक के बारे में सबसे ज्यादा सोचना और उस पर काम करना शुरू किया। शो करना भी शुरू कर दिया। पढ़ाई के बाद कुछ महीने मैंने जॉब किया। फिर म्यूजिक के लिए इंडिया वापस आ गया।'
बकौल प्रतीक, मुझे असल में पॉपुलैरिटी 'कोल्ड मेस' के बाद मिली। उसके पहले भी एक दो सॉन्ग थे, जिससे लोग थोड़ा बहुत पहचानने लग गए थे। 'रात राजी' के बाद दिल्ली, मुंबई में लोग जानने लग गए थे।
प्रतीक म्यूजिक से विशेष जुड़ाव महसूस करते हैं। वह कहते हैं, म्यूजिक मेरी लाइफ की तरह है। यह मेरे लिए बहुत इम्पॉर्टेंट चीज है। यह एक मिस्टीरियस फॉर्म है। जब हम म्यूजिक सुनते हैं तो इमोशनली अटैच करता है। कोई भी यह जान नहीं सकता कि ऐसा क्यों होता है। यह काफी फैसिनेटिंग और ब्यूटीफुल चीज है।

क्रिएटिव प्रोसेस करता है सबसे ज्यादा उत्साहित
बचपन से इंडी म्यूजिक से काफी प्रभावित रहे प्रतीक को गाने को बनाने का क्रिएटिव प्रोसेस सबसे ज्यादा एक्साइट करता है। यही वजह है कि वह खुद गाने लिखते हैं, कंपोज करते हैं, गाते हैं और प्रोड्यूस भी करते हैं। बात अगर बॉलीवुड की करें तो फिल्म 'बार बार देखो' में 'खो गए हम कहां' और 'कारवां' मूवी के सॉन्ग 'सांसें' व 'कदम' प्रतीक के ही क्रिएशन हैं। अभी तक प्रतीक ने अपने लिखे गाने खुद ही गाए हैं। हालांकि वह कहते हैं कि मैं बहुत खुश होऊंगा, अगर मैं गाने लिखूं और कोई गाए। अपने आगामी प्रोजेक्ट को लेकर प्रतीक कहते हैं, गाने लिखने का सिलसिला तो हर रोज-हर हफ्ते चलता रहता है। जब यह टूर खत्म होगा तो अगले एलबम पर काम शुरू करूंगा।