
City Buses
जयपुर। शहर में 100 लो-फ्लोर व मिडी बसें कम होने से सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था बिगड़ गई। जेसीटीएसएल प्रशासन ने रूट व बसों के संचालन के लिए नए सिरे से प्लान बनाया, जिसके कारण काफी यात्रियों को बसें मिल रही हैं। इसके बावजूद करीब 22 हजार से अधिक यात्रियों की सुविधा छीन गई है। बसों में यात्रियों की संख्या कम होने के साथ-साथ जेसीटीएसएल (JCTSL) की कमाई भी घट गई है। यात्रियों ने परेशान होकर वैकल्पिक व्यवस्था करना शुरू कर दिया है। कोई ऑटो से आ-जा रहा है तो कोई बाइक टैक्सी से।
साल के अंत तक बसें आने की उम्मीद
राज्य सरकार ने जयपुर में 300 बसों को पीपीपी मोड पर चलाने की स्वीकृति दी है। ये बसें इस साल के अंत तक आने की उम्मीद है। दरअसल, जेसीटीएसएल ने करीब छह महीने पहले एसी इलेक्ट्रिक बसों को चलाने का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा था। जेसीटीएसएल अपनी बोर्ड बैठक में शहर में केवल इलेक्टि्रक बस चलाने का प्रस्ताव पारित कर चुका है। ऐसे में उम्मीद है कि ये सभी बसें ई-बसें ही होंगी। इन्हें केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी सीईएसएल के जरिए लिया जाएगा। यह एजेंसी देश के सभी राज्यों को जीसीसी मॉडल के तहत इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करा रही है। जेसीटीएसएल खुद बसों का संचालन नहीं करेगा बल्कि प्रति किलोमीटर के हिसाब से संचालन करने वाले कंपनी को भुगतान करेगा। ये बसें इस साल के अंत तक शहर को मिल सकती हैं।
फैक्ट फाइल
- शहर में चल रही हैं 200 लो-फ्लोर व मिडी बसें
- 22 लाख रूपए की कमाई हो रही है जेसीटीएसएल की टिकट से
- 1.12 लाख यात्री यात्रा कर रहे रोजाना
31 मार्च से पहले
-300 बसें रोजाना चल रही थी शहर में
- 28 लाख रूपए की कमाई हो रही थी जेसीटीएसएल की
- 1.34 लाख यात्री यात्रा कर रहे थे रोजाना
वर्जन -
- अब कही जाने के लिए बस का इंतजार नहीं कर सकते हैं। बस समय पर नहीं आती है। जब आती है तो भरी हुई आती है। इसीलिए अब कैब या बाइक टैक्सी ही लेती हूं।- सुनीता सैनी, सामाजिक कार्यकर्ता
- बसों में भीड़ इतनी अधिक हो गई है कि एसी बसों के दरवाजे भी बंद नहीं हो पाते हैं। लोग दरवाजों पर लटक कर यात्रा करते हैं। इससे कोई हादसा भी हो सकता है।- राजेश बागड़ा, जिम संचालक
बसों में यात्रियों की संख्या कम होने के साथ-साथ जेसीटीएसएल (JCTSL) की कमाई भी घट गई है। यात्रियों ने परेशान होकर वैकल्पिक व्यवस्था करना शुरू कर दिया है। कोई ऑटो से आ-जा रहा है तो कोई बाइक टैक्सी से।
राज्य सरकार ने जयपुर में 300 बसों को पीपीपी मोड पर चलाने की स्वीकृति दी है। ये बसें इस साल के अंत तक आने की उम्मीद है। दरअसल, जेसीटीएसएल ने करीब छह महीने पहले एसी इलेक्ट्रिक बसों को चलाने का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा था।
जेसीटीएसएल अपनी बोर्ड बैठक में शहर में केवल इलेक्टि्रक बस चलाने का प्रस्ताव पारित कर चुका है। ऐसे में उम्मीद है कि ये सभी बसें ई-बसें ही होंगी।
ऐसे में उम्मीद है कि ये सभी बसें ई-बसें ही होंगी। इन्हें केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी सीईएसएल के जरिए लिया जाएगा। यह एजेंसी देश के सभी राज्यों को जीसीसी मॉडल के तहत इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करा रही है।
जेसीटीएसएल खुद बसों का संचालन नहीं करेगा बल्कि प्रति किलोमीटर के हिसाब से संचालन करने वाले कंपनी को भुगतान करेगा। ये बसें इस साल के अंत तक शहर को मिल सकती हैं।
फैक्ट फाइल
- शहर में चल रही हैं 200 लो-फ्लोर व मिडी बसें
- 22 लाख रूपए की कमाई हो रही है जेसीटीएसएल की टिकट से
- 1.12 लाख यात्री यात्रा कर रहे रोजाना
31 मार्च से पहले
-300 बसें रोजाना चल रही थी शहर में
- 28 लाख रूपए की कमाई हो रही थी जेसीटीएसएल की
- 1.34 लाख यात्री यात्रा कर रहे थे रोजाना
Published on:
07 Apr 2023 12:07 am
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