
सम क्षेत्र में करीब 200 टेंट्स क्षतिग्रस्त
जयपुर। सम के विश्वविख्यात जैसलमेर के रेतीले धोरों पर गुरुवार को चारों तरफ बर्बादी का मंजर नजर आया। बुधवार रात्रि को रेत के समंदर में आए तूफान ने बवंडर का रूप धारण कर क्षेत्र के रिसोटर्स में जो तबाही मचाई, उसके निशान चारों तरफ बिखरे नजर आए। पत्रिका टीम ने सम क्षेत्र का दौरा कर हालात को देखा तो पाया कि पर्यटन सीजन के उफान पर आने से ठीक पहले आए इस तूफान ने क्षेत्र के रिसोर्ट संचालकों को दोहरे जख्म दिए हैं। उनका लाखों का नुकसान किया, वहीं जल्द से जल्द निराशा के भंवर से निकलकर पुन: अपने रिसोट्र्स को तैयार करने की चुनौती भी उनके सामने खड़ी कर दी। वैसे सुकून की बात यह रही कि इस तूफान के कारण किसी सैलानी या स्थानीय बाशिंदे को नुकसान नहीं पहुंचा। स्वयं रिसोर्ट संचालक भी इसके लिए ईश्वर और खुदा का शुक्रिया अदा कर रहे हैं। तूफान ने सबसे ज्यादा तबाही लखमणा सेंड ड्यून्स क्षेत्र में आए रिसोट्र्स में मचाई है। वहां स्थित आधा दर्जन रिसोट्र्स के करीब सारे टेंट या तो पूरी तरह से उखड़ गए अथवा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। सम क्षेत्र के करीब 50 रिसोट्र्स के लगभग 200 टेंट पूरी तरह से चौपट हो गए हैं। करीब 10 मिनट की इस आपदा ने रिसोर्ट व्यवसायियों का करीब 3 करोड का नुकसान कर दिया है।