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RAJASTHAN JAL JEEVAN MISSION— पानी की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा : अब ग्रामीण क्षेत्रों में 84 की जगह 60 लाख नल कनेक्शन ही होंगे

पेयजल परियोजनाओं के लिए कहीं पानी तो कहीं बजट की समस्या : स्टील महंगा होने और बजट कम होने से का असर जल जीवन मिशन की परियोजनाओं पर भी आने लगा

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water supply

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जयपुर.

प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत 2024 तक 84 लाख जल कनेक्शन का लक्ष्य पूरा करने से पहले ही मिशन लड़खड़ाने लगा है। जल कनेक्शन करने में सबसे बड़ी समस्या पेयजल परियोजनाओं के लिए पानी की उपलब्धता बड़ी समस्या बन कर सामने आई है। यही बड़ा कारण है कि प्रदेश में लक्ष्य के मुकाबले जल कनेक्शन की रफतार कछुआ चाल से चल रही है। ऐसे में इंजीनियर भी अब यह मान कर चल रहे हैं कि पानी और बजट की कमी के हालात के हिसाब से लक्ष्य के मुकाबले 60 लाख जल कनेक्शन ही जारी हो सकेंगे। अगर मौजूदा वित्तीय वर्ष की बात करें तो इसके खत्म होने में अब 40 दिन का समय शेष है और इन हालात के चलते इस वर्ष लक्ष्य 30 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 7 50 लाख जल कनेक्शन ही जारी हो सके हैं।

पानी की कमी से अटकी ये परियोजनाएं

जल जीवन मिशन से मिली जानकारी के अनुसार 3 हजार करोड़ की चंबल धौलपुर, बीसलपुर बांध से अजमेर जिले के तीन कलस्टरों की 1 हजार करोड़ रुपए की पेयजल परियोजनाओं के लिए पानी का संकट है। ऐसे में इन जिलों में तीन हजार से ज्यादा गांवों में जल कनेक्शन करना विभाग के सामने बड़ी समस्या बन कर सामने आई है। इंजीनियरों का कहना है कि पेयजल परियोजना के आकार के हिसाब से अगर किसी पेयजल परियोजना में 15 से 30 वर्ष तक पानी की उपलब्धता नहीं है तो वहां परियोजनाएं अटक रही हैं।

33 जिलों के 25 हजार गांवों में 50 प्रतिशत ही कनेक्शनप्रदेश के 33 जिलों में 1001 गांव ही ऐसे हैं जहां जल जीवन मिशन के तहत 100 प्रतिशत जल कनेक्शन जारी कर दिए हैं। वहीं 25 हजार गांव अब भी ऐसे हैं जहां जल कनेक्शन की संख्या 50 प्रतिशत का भी आंकड़ा पार नहीं कर सकी है। जब भी उच्च स्तर पर जल कनेकशन की गति की समीक्षा होती है तो कम कनेक्शन की रफ्तार होने का बडा कारण पानी की कमी ही बन कर सामने आ रहा है।

पर्याप्त बजट भी नहीं

इंजीनियर्स का कहना है कि मिशन के तहत पेयजल परियोजनाओं में माइल्ड स्टील के पाइप का उपयोग होता है। माइल्ड स्टील की कीमतें बढ़ने से परियोजनाओं की लागत भी बढ़ रही है। ऐसे में मिशन के तहत जो बजट दिया जा रहा है उस बजट में पेयजल परियोजनाओं का क्रियान्वयन मुश्किल हो रहा है।

इन जिलों के इतने गांवों में नहीं हुआ 50 प्रतिशत का भी आकंडा पार

जिला गांव

श्रीगंगानगर 2252

नागौर 1113

जयपुर- 1441

बाड़मेर- 2510

जोधपुर - 1654

सिरोही- 2723

करौली- 1469

भीलवाड़ा- 1750