19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मंदिरों में मना जानकी माता की जन्मोत्सव

janaki navami 2020: छोटी काशी में जानकी माता का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। उत्तर भारत की प्रमुख पीठ गलता, ठिकाना रामचंद्र जी का मंदिर सहित अन्य सभी राम मंदिरों में सूक्ष्म रूप से धार्मिक अनुष्ठान हुए। मंदिरों में जनक दुलारी का जन्माभिषेक कर षोडशोपचार पूजन किया गया। जन्मोत्सव पर बधाई गान हुए। हालांकि इस बार कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के चलते शहर के मंदिरों कोई सार्वजनिक आयोजन नहीं किया गया। आयोजन मंदिर परिवार तक ही सीमित रहे।

less than 1 minute read
Google source verification
janaki1_pic.jpg

जानकी माता का जन्मोत्सव

जयपुर। छोटी काशी में जानकी माता का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। उत्तर भारत की प्रमुख पीठ गलता, ठिकाना रामचंद्र जी का मंदिर सहित अन्य सभी राम मंदिरों में सूक्ष्म रूप से धार्मिक अनुष्ठान हुए। मंदिरों में जनक दुलारी का जन्माभिषेक कर षोडशोपचार पूजन किया गया। जन्मोत्सव पर बधाई गान हुए। हालांकि इस बार कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के चलते शहर के मंदिरों कोई सार्वजनिक आयोजन नहीं किया गया। आयोजन मंदिर परिवार तक ही सीमित रहे। भक्तों को जन्माभिषेक, जन्म आरती व चरण दर्शन भी सोशल मीडिया के जरिए ही कराए गए।

उत्तर भारत की प्रमुख श्री वैष्णव पीठ श्री गलताजी में गलतापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशाचार्य महाराज के सान्निध्य में माता सीता का जन्मोत्सव जानकी नवमी धूमधाम से मनाई गई।
युवराज स्वामी राघवेन्द्र ने बताया कि इस अवसर पर सुबह गलतापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशाचार्य महाराज ने गलता पीठ स्थित सीता जी के तीन स्वरूपों के दर्शन (स्वयंवर, वनवास एवं राज्याभिषेक) के प्राचीन विग्रहों का वैदिक विधि से मंत्रोच्चरण के बीच पंचामृत, पंचमेवा, फलों के रस, पंचद्रव्यों, सर्वऔषधि, सहस्त्रधारा आदि से अभिषेक किया। इसके बाद सीता माता व भगवान राम को नवीन पोशाक व आभूषण धारण करवा कर शृंगार किया गया। इसर्चके बाद तुलसी व पुष्पों से अर्चना की गई। इस बार जानकी नवमी महोत्सव लोगों में कोरोना वायरस के प्रकोप से होने वाले वाली हानियों से बचाव, रक्षार्थ व सभी के उन्नत स्वास्थ्य की कामना भावना के संकल्प के साथ मनाया गया।


उधर चांदपोल बाजार स्थित ठिकाना मंदिर श्रीरामचंद्रजी में सुबह 11 बजे सीताजी सहित रामदरबार का 101 किलो दूध, केसर, चंदन, गुलाब जल आदि से पंचामृत अभिषेक किया गया। दोपहर 2:30 जनकलली की जन्म आरती की गई। पंजीरी, पंचामृत का प्रसाद वितरित किया। शाम को आरती के बाद सोशल मीडिया के जरिए जानकी माता के चरणों के दर्शन दर्शन करवाए गए।