
Sonography
जयपुर . हाल ही जनाना अस्पताल ( janana Hospital ) में एक महिला की सोनोग्राफी ( sonography ) जांच रिपोर्ट में जुड़वा बच्चे दिखाना तथा बाद में ऑपरेशन ( operation ) से एक बच्चे का होना इन दिनों काफी चर्चा में है। सोनोग्राफी का यह खेल सभी सरकारी अस्पतालों ( Government Hospital ) में चल रहा है। कारण मरीजों का बढ़ता दवाब, सीनियर ( Sinior ) की जगह जूनियर डॉक्टरों ( Doctor ) की ओर से सोनोग्राफी करना, सोनोग्राफी मशीन का पुराना होना माना जा रहा है।
जनाना अस्पताल में एक महिला की सोनोग्राफी जांच में रेजीडेंट डॉक्टरों ने जुड़वा बच्चे ( twins ) का होना बताया। जब महिला का ऑपरेशन हुआ तो बच्चा एक ही निकला। इसके चलते तीन दिनों से अस्पताल में हंगामा मचा हुआ है। डॉक्टर महिला को अस्पताल से छुट्टी देना चाहते हैं पर मरीज का कहना है कि जब तक उसे उसका दूसरा बच्चा नहीं दिया जाएगा तब तक वह अस्पताल से घर नहीं जाएगी।
ऐसे में अस्पताल प्रशासन के सामने बड़ी उलझन आन पड़ी है। मामले को लेकर पीडि़त पक्ष की ओर से पुलिस ( Polish ) में भी मामला दर्ज कराया गया है। अस्पताल की ओर से भी एक जांच कमेटी बनाई गई है।
यह था मामला -:
मरीज रमा देवी (32) ने 18 जून को जनाना अस्पताल में सोनोग्राफी करवाई थी जहां उसे जुड़वा बच्चों का होना बताया था। इसके बाद 19 जून को झोटवाड़ा स्थित एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में उसने सोनोग्राफी करवाई थी, वहां पर भी उसे जुड़वां बच्चों का होना बताया। इसके बाद 9 जुलाई को जनाना अस्पताल में हुई सोनोग्राफी में भी दो बच्चों के होने की जानकारी दी। उसके बाद 10 जुलाई को महिला के ऑपरेशन से बच्चा हुआ।
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सवाल - जवाब
रेडियोलोजिस्ट विभाग के हेड - डॉ. मुकेश मित्तल
सवाल -: अस्पताल में मरीज की दो सोनोग्राफी हुई। उसमें से एक में दो बच्चों का होना बताया। ऐसा कैसे हुआ?
जवाब -: यह टेक्निकल एरर है। कई बार फुल टाइम में बच्चा दोनों तरफ दिखाई देता है इसलिए ऐसा हुआ। निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर कराई गई सोनोग्राफी में भी यही गलती हुई है।
सवाल -: महिला के पेट में एक बच्चा था या फिर जुड़वा। जांच रिपोर्ट को कैसे झुटला सकते हैं?
जवाब -: ऐसा लगता है कि सोनोग्राफी जांच में महिला के पेट में बच्चे की स्थिति स्पष्ट नजर नहीं आई। पेट में बच्चा आडा था। ऐसे में वास्तविक स्थिति का पता सर्जरी के बाद ही चलता है?
सवाल -: अस्पताल में हर रोज कितनी सोनोग्राफी होती है... यह तो किसी के भी साथ हो सकता है?
जवाब -: हर रोज अस्पताल में करीब 300 सोनोग्राफी होती है। यह मशीन भी पुरानी है। इस बारे में अस्पताल को लिखा भी गया है।
सवाल -: इस पूरे मामले में अस्पताल प्रशासन गलती मानता है या नहीं। आगे ऐसा नहीं हो इसके लिए क्या करेंगे?
जवाब -: रिपोर्ट में गलती हुई है। यह टेक्नीकल मिस्टेक है। रेजीडेंट सोनोग्राफी कर रहे हैं जबकि यह काम एसोसिएट प्रोफेसर को करना चाहिए। एसोसिएट प्रोफेसरों को दूसरे कामों में लगा रखा है।
सवाल - जवाब
महिला का ऑपरेशन किया - डॉ. अनिल गुर्जर
सवाल -: वास्तविकता क्या है... महिला के पेट में एक बच्चा था या फिर जुड़वां?
जवाब -: महिला के पेट में बच्चा आड़ा था। इसलिए मैंने 10 जुलाई को सुबह 11 बजे ऑपरेशन किया। 10 लोगों की टीम के सामने बच्चा पेट से निकालकर परिजनों को दिया।
सवाल -: सोनोग्राफी रिपोर्ट में आपने क्या देखा। क्या ऑपरेशन के बाद जब दो बच्चे नहीं निकले तो आश्चर्य नहीं हुआ?
जवाब -: यह बात सही है सोनोग्राफी में दो बच्चे थे। लेकिन 9वे माह के गर्भ में सोनोग्राफी स्पष्ट नहीं आती है। बच्चा भी आडा था इसलिए आश्चर्य की कोई बात ही नहीं।
सवाल -: जब एक बच्चे के होने की बात सामने आई तो आपने किसी को इसकी सूचना दी या नहीं?
जवाब -: यह पूरा मामला सोनोग्राफी में हुई गलती और गलत फहमी की वजह से हुआ है। मरीज को इसकी जानकारी दी गई पर वह और परिजन कुछ सुनने के लिए तैयार ही नहीं है।
सवाल -: परिजनों का आरोप है कि रविवार को उन्हें अस्पताल से जबरन छुट्टी देने का प्रयास किया गया?
जवाब -: आज महिला को छुट्टी के लिए बोला था, लेकिन उसने छुट्टी लेने से मना कर दिया। अभी वह वार्ड में ही भर्ती है।
Published on:
15 Jul 2019 04:07 pm
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