
जेडीए ने छह पट्टे किए निरस्त...उपायुक्त को कारण बताओ नोटिस, दो किए निलम्बित
जयपुर. दुर्गापुरा स्थित आयुवान सिंह नगर के पार्क में फर्जी तरीके से छह पट्टे जारी करने वाले कर्मचारियों पर जेडीए प्रशासन ने कार्रवाई की। वहीं, फर्जी दस्तावेज के आधार पर तैयार करवाए छह पट्टों को भी जेडीए ने निरस्त कर दिया।
मंगलवार को जोन पांच में नगरीय विकास विभाग सेवा के जेडीए में कार्यरत जेईएन राजेंद्र प्रसाद मीणा और प्रशासनिक अधिकारी अब्दुल रशीद को निलम्बित कर दिया है। वहीं, सेवानिवृत्ति के बाद तहसीलदार पद पर काम करने वाले ओमप्रकाश शर्मा की भी जेडीए ने सेवाएं समाप्त कर दी हैं। ठेके पर काम कर रहे अर्बन प्लानर सुरेंद्र सिंह को भी हटा दिया है। साथ ही ग्रीन सिटी सर्वेयर्स प्राइवेट लिमिटेड को पत्र लिखकर जेडीए ने कहा है कि जांच में अर्बन प्लानर की घोर अनियमितता सामने आई है। इसकी जांच में पुष्टि भी हो चुकी है। भविष्य में जेडीए के किसी भी प्रकोष्ठ में न रखा जाए। उक्त फर्म के 20 से अधिक अर्बन प्लानर जेडीए में एटीपी का काम कर रहे हैं।
इसके अलावा तत्कालीन उपायुक्त मान सिंह मीणा को कारण नोटिस जारी किया गया है। पट्टे पर हस्ताक्षर मान सिंह के ही हैं। सात दिन में उपायुक्त को जवाब देना है। जेडीए प्रशासन उपायुक्त की भूमिका को भी संदिग्ध मानकर चल रहा है। जेडीए सचिव उज्ज्वल राठौड़ की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
ये है मामला
आयुवान सिंह नगर के पार्क की करीब दो हजार वर्ग गज जमीन पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर भूमाफिया ने छह भूखंड सृजित कर लिए थे। प्रशासन शहरों के संग अभियान में जेडीए अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलकर इन सभी भूखंडों के पट्टे भी ले लिए। कॉलोनी के लोगों की शिकायत के बाद मामले की जांच हुई और उसमें यह सामने आया कि फर्जी तरीके से पट्टे जारी हुए हैं।
Published on:
20 Dec 2022 10:37 pm
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