
— आठ सप्ताह में पीटी सर्वे कराने के लिए कहा- नाले की फेसिंग व पक्का निर्माण न होने से बारिश में होते है हादसे
जयपुर। करतारपुरा नाले में अतिक्रमण के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने जेडीए को कहा है कि करतारपुरा नाले में अतिक्रमण से जुड़े मामले को लेकर आठ सप्ताह में पीटी सर्वे पेश करे। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह और जस्टिस विनोद कुमार भारवानी की खंडपीठ ने यह आदेश राजेन्द्र प्रसाद शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विमल चौधरी और अधिवक्ता योगेश टेलर ने कहा कि करतारपुरा नाला बारिश में ओवरफ्लो हो जाता है और नाले की फेसिंग और उसके पक्का नहीं होने के कारण अतिक्रमण के साथ हादसे हो जाते हैं। इसके अलावा अभी तक नाले की सीमा भी तय नहीं है। इसके चलते अतिक्रमण नहीं रुक पा रहे है।
दूसरी ओर राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने कहा कि नाले में निजी खातेदारी की भूमि भी आ रही है। इसके अलावा यहां हुए अतिक्रमणों के वर्तमान हालात जानने के लिए पीटी सर्वे करना जरूरी है। अदालत ने जेडीए को पीटी सर्वे कराने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया है। जनहित याचिका में कहा गया कि करतारपुरा नाले में जगह-जगह अतिक्रमण है और नाला पक्का भी नहीं है। वहीं नाले की चौडाई भी घोषित नहीं है। जिसके चलते यहां कई जगहों पर नाले की चौडाई कुछ फीट ही रह गई है।
Published on:
17 Dec 2024 12:16 pm
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