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मिलीभगत का ऐसा खेल…अवैध कॉलोनी तोड़ी तो वेयर हाउस की तैयार

-जेडीए में 40 बीघा के लिए किया आवेदन, मौके पर 72 बीघा में विकसित की जा रही योजना

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मिलीभगत का ऐसा खेल...अवैध कॉलोनी तोड़ी तो वेयर हाउस की तैयार

मिलीभगत का ऐसा खेल...अवैध कॉलोनी तोड़ी तो वेयर हाउस की तैयार

जयपुर. सीकर रोड पर जेडीए भले ही अब तक न्यू ट्रांसपोर्ट नगर विकसित नहीं कर पाया हो, लेकिन उसके आस-पास भूमाफिया ने विकास कार्य शुरू कर दिए हैं। इकॉलोजिकल जोन का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है और न ही वन विभाग की जमीन को छोड़ा जा रहा है।

दरअसल, न्यू ट्रांसपोर्ट नगर से सटे उदयपुरिया गांव में कुछ माह पहले अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने की योजना बनाई गई। निर्माण कार्य भी शुरू कर दिए, लेकिन जेडीए ने अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए। इसके बाद निर्माणकर्ताओं ने उसी जमीन पर एग्रो वेयरहाउस की एक योजना को लॉन्च कर दिया। जेडीए में अनुमोदन के लिए जो फाइल लगाई गई है उसमें 40 बीघा पर योजना लाने की बात कही है। जबकि, मौके पर 72 बीघा में योजना को विकसित किया जा रहा है। पत्रिका टीम ने मौके पर पहुंचकर वहां लोगों से बातचीत की तो एडवांस बुकिंग की जानकारी सामने आई। रिपोर्टर से बातचीत में इन लोगों ने स्वीकार किया कि जेडीए यहां किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं करेगा। जबकि, अब तक इस जमीन का भू रूपांतरण तक नहीं हुआ है।


विज्ञप्ति दिखा ले रहे बुकिंग
-उक्त 40 बीघा जमीन को लेकर जेडीए ने 27 मई को लोक सूचना जारी कर दी। इसी के आधार पर कुल राशि का 25 फीसदी लेकर एडवांस बुकिंग की जा रही है। 11 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर की कीमत निर्धारित कर रखी है।
-मास्टर प्लान-2011 में उक्त भूमि इकॉलोजिकल में है। वहीं, मास्टर प्लान 2025 में उक्त भूमि रिक्रेशनल बताई गई है।

जेडीए प्रवर्तन शाखा का भी भुगतान नहीं
जेडीए प्रवर्तन शाखा ने 23 मार्च को यहां बस रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त किया। इस कार्रवाई में जेडीए के करीब 55 हजार रुपए खर्च हुए। सहायक लेखा अधिकारी ने निर्माणकर्ता को नोटिस देकर यह राशि जमा करने को कहा। लेकिन, अब तक यह राशि जमा नहीं हुई है।

कार्रवाई की जाएगी
जेडीए से योजना अनुमोदित नहीं है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एक निश्चित प्रक्रिया पूरी होेने के बाद ही भूखंडों का बेचान किया जा सकता है। यदि इसकी अवहेलना की जा रही है तो कार्रवाई की जाएगी।
-रवि जैन, आयुक्त, जेडीए