
भवनेश गुप्ता/जयपुर। नगर निगम ने जिस काम की लागत 4.5 करोड़ बताई, जेडीए ने उसका खर्च 17 करोड़ बता दिया। लागत का आंकलन साढ़े तीन गुना अधिक देख खुद नगरीय विकास मंत्री श्रीचन्द कृपलानी भी हतप्रभ रह गए। जेडीए अपने आंकलन को लेकर संतुष्ट नहीं कर पाया तो मंत्री ने आखिरकार निर्देश दिए कि जेडीए राशि दे दे, काम नगर निगम करा देगा।
यह है मामला
कठपुतली नगर से गुजर रहे नाले के कुछ हिस्से को ढका जाना है। नाले पर बनी पुलिया के कॉर्नर पर सेवा भारती की 7 मंजिला इमारत बन रही है। यूडीएच मंत्री के निर्देश का हवाला देते हुए इस काम के लिए निगम आयुक्त ने जेडीसी को पत्र भेजा था। जेडीसी के मौका मुआयना के बाद मामला वापस मंत्री के पास पहुंचा। मंत्री ने जेडीए व निगम के अफसरों की बैठक बुलाई तो जेडीए ने निर्माण पर 17 करोड़ रुपए खर्च का आंकलन बताया। निगम ने 4.5 करोड़ का लिखित आंकलन सौंपा। जेडीए अधिकारियों ने तर्क दिया कि दोमंजिला निर्माण को आधार मानकर आंकलन किया है, मंत्री और निगम अफसर संतुष्ट नहीं हुए। मंत्री ने जेडीसी को निर्देश दिए कि जेडीए लागत राशि निगम को सौंप दे, वही इसका निर्माण करेगा।
यह होगा काम
05 करोड़ रु. देगा नगर निगम को जेडीए, इसकी तत्काल सहमति दे दी गई और निगम ने एनआईटी जारी भी कर दी है
200 मीटर लंबाई में नाले पर छत डालेगा नगर निगम, यहां न वाहन पार्किंग होगी और न मल्टीलेवल निर्माण हो सकेगा
25 मीटर चौड़ाई है नाले की
2.94 करोड़ रुपए लागत से हाईलेवल ब्रिज भी बनेगा यहां, जो सेवा भारती भवन के शुरुआत छोर से कठपुतली नगर की तरफ मिलेगा
22 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा होगा ब्रिज
०8 माह में पूरा हो जाएगा निर्माण कार्य
यहां भी है जरूरत
शहर में ऐसे कई बड़े नाले हैं, जिनके आसपास घनी आबादी है। उन्हें भी तत्काल ढकने की जरूरत है। इनमें जवाहर नगर, नागतलाई का नाला मुख्य हैं। कई इलाकों में नालों पर बनी पुलिया जर्जर हालत में हैं, जिनकी भी सुध लेने की जरूरत है। अंदरुनी सड़कें इतनी बदहाल हैं कि वहां से आसानी से गुजरना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
यूडीएच मंत्री से सवाल
सवाल : शहर में कई जगह नालों को तत्काल ढकने की जरूरत है, वहां के लिए भी कोई योजना है?
जवाब : अभी यहां काम होगा, इसके बाद धीरे-धीरे बाकी जगह भी काम करेंगे।
Published on:
4 Sep 2017, 8:55 AM IST
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