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सरकार ने गड़ाई बेशकीमती जमीन पर नजर,JDA वीआईपी रोड पर 500 करोड़ की जमीन का लेगा कब्जा

जेनपेक्ट व वर्ल्ड ट्रेड पार्क के सामने बेशकीमती जमीन को खाली करने का नोटिस,हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद JDA ने थमाया नोटिस

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जयपुर

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Rajesh

Nov 11, 2017

JDA will take possession of 500 crores land on VIP road

सरकार की नजर अब बेशकीमती जमीनों पर गड़ गई है। जेएलएन मार्ग पर ऐसी ही करीब 500 करोड़ रुपए की बेशकीमती जमीन पर जेडीए कब्जा लेगा। जेनपेक्ट के सामने करीब 23 हजार वर्गगज जमीन (वर्ल्ड ट्रेड पार्क से पहले तक) है। इसमें अभी मैरिज गार्डन के अलावा अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जयपुर विकास प्राधिकरण ने कब्जाधारी को नोटिस जारी कर दिया है और तत्काल अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में सरकार का भी दखल है। बताया जा रहा है कि दूसरे पक्ष की हाईकोर्ट में याचिका खारिज होते ही जेडीए सक्रिय हो गया और तत्काल नोटिस जारी कर दिया। इस बीच अफसर शुक्रवार को दिनभर जमीन का वास्तविक क्षेत्रफल निकालने में जुटे रहे, जिससे कब्जा लेने में दिक्कत नहीं आए। हालांकि, कब्जाधारी इस आदेश को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।

200 फीट संस्थानिक भू-पट्टी में है भूमि -

जेएलएन मार्ग के दोनों ओर 200 फीट चौड़ी संस्थानिक भू-पट्टी है। इस भू-पट्टी के एरिया को सरेंडर करने के बाद ही जेडीए संबंधित योजना का नियमन करता रहा है। यहां रामजीपुरा गृह निर्माण सहकारी समति ने भू-पट्टी की जमीन को आवंटित किया हुआ है। यहां काबिज व्यक्ति भी सोसायटी से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। जेएलएन मार्ग पर चिन्हित भू-पट्टी पर ज्यादातर जगह तो संस्थानिक गतिविधि चल रही है, लेकिन ओटीएस चौराहे से लेकर जेनपेक्ट के सामने हिस्से तक ऐसा नहीं है।

इन्हें दिया नोटिस : डॉ. कैलाश चन्द्र गर्ग, गर्ग हॉस्पिटल एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट प्रा. लि.।

यह बताया कारण : उच्च न्यायालय के 7 नवम्बर, 2017 के आदेश का हवाला। इसमें मैसर्स गर्ग हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट बनाम सरकार व अन्य केस खारिज किया गया। दो सौ फीट चौड़ी भू-पट्टी पर अतिक्रमण किया हुआ है, जिसे चौबीस घंटे में हटाएं। ऐसा नहीं करने पर जेडीए कब्जा लेगा और खर्चा भी वसूलेगा।

दो सौ फीट चौड़ी भू-पट्टी नि:शुल्क सरेंडर होनी है, जिस पर जेडीए का अधिकार है। हाईकोर्ट ने भी याचिका खारिज कर दी है, इसलिए नोटिस जारी किया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कब्जा लेने की कार्रवाई की जाएगी। —वैभव गालरिया, जेडीसी