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Union Budget 2023 : सोने में रिकॉर्ड तेजी से ज्वेलरी इंडस्ट्री की मुशिकलें बढ़ी, अब कस्टम ड्यूटी घटाने की मांग

सोने के दामों में आई ऐतिहासिक तेजी के कारण ज्वेलरी इंडस्ट्री ने सरकार से आम बजट में सोने पर कस्टम ड्यूटी घटाने की मांग की है।

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Union Budget 2023 : सोने में रिकॉर्ड तेजी से ज्वेलरी इंडस्ट्री की मुशिकलें बढ़ी, अब कस्टम ड्यूटी घटाने की मांग

Union Budget 2023 : सोने में रिकॉर्ड तेजी से ज्वेलरी इंडस्ट्री की मुशिकलें बढ़ी, अब कस्टम ड्यूटी घटाने की मांग

सोने के दामों में आई ऐतिहासिक तेजी के कारण ज्वेलरी इंडस्ट्री ने सरकार से आम बजट में सोने पर कस्टम ड्यूटी घटाने की मांग की है। इस समय सोने के आयात पर 12.5 फीसदी बेसिक कस्टम ड्यूटी और 2.5 फीसदी कृषि-इंफ्रास्ट्रक्चर सेस देना पड़ता है। कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से सोने की स्मग्लिंग भी बढ़ी है, जो अब 200 टन पर जा पहुंचा है। जेम्स एंड ज्वेलरी प्रोमोशन काउंसिल ने सोना चांदी और प्लैटिनम पर इंपोर्ट ड्यूटी को 4 फीसदी किए जाने की मांग की है। जेम्स एंड ज्वेलरी प्रोमोशन काउंसिल ने सरकार से कट और पॉलिश्ड डायमंड्स पर इंपोर्ट ड्यूटी को 5 फीसदी से घटाकर 2.5 फीसदी करने की मांग की है। साथ ही, इस बेनेफिट को पॉलिश्ड जेम्स स्टोंस पर भी दिए जाने की मांग की गई है। काउंसिल ने इसके अलावा स्पेशल नोटिफाइज जोंस में रफ डायमेंड बेचने पर अलाउंस देने की मांग की गई है। अगर रफ डायमंड बेचा जाता है तो इंपोर्टर को 2 फीसदी इक्वालाइजेशन लेवी से छूट दिया जाना चाहिए।

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बगैर पैन कार्ड के बढ़े खरीद लिमिट

ज्वेलरी इंडस्ट्री ने ज्वेलरी पर जीएसटी रेट घटाने की भी मांग की है। ज्वेलरी पर जीएसटी को मौजूदा 3 फीसदी से घटाकर 1.25 फीसदी करने की मांग की गई है। साथ ही, पैन कार्ड के साथ ज्वेलरी खरीदने की लिमिट को 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने की मांग रखी है। ज्वेलर्स का तर्क है कि ग्रामीण इलाकों में कई लोगों के पास पैन कार्ड नहीं होता है और सोने की खरीदारी के दौरान उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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