
मशहूर गायक अनूप जलोटा की गजलें सुन श्रोता हुए मंत्रमुग्ध
जयपुर गज़ल फेस्टिवल का समापन
राजन सिंह ने भी दी प्रस्तुति
जयपुर 11 जून। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत इवेंट इंडिया और जवाहर कला केन्द्र की ओर से और कला एवं संस्कृति और पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित 4 दिवसीय जयपुर गजल फेस्टिवल का रविवार को समापन हुआ। फेस्टिवल के चौथे और अंतिम दिन रविवार को मशूहर गजल गायक अनूप जलोटा ने गजलों को गुलदस्ता पेश किया।
जलोटा ने रंगत तेरी जुल्फों की घटाओं ने चुराई... से शुरुआत की तो तालियों से मुक्ताकाशी मंच गूंज उठा। गजल के इस कारवां में वो दिल ही क्या तेरे मिलने के लिए दुआ ना करे... चांद अगड़ाईयां ले रहा है..., चांदनी मुस्कराने लगी है,तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे...., मैं एक शाम चुरा लूं अगर बुरा ना लगे,बदनाम मेरे प्यार का अफसाना हुआ है..., दीवाने भी कहते हैं दीवाना हुआ है..., टुकड़े टुकड़े दिल कराए तेरी गली से जब घर आए...आदि बेहद ही उम्दा गजलें प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। गजल की प्रस्तुतियों के साथ साथ शेरो शायरी और किस्सों से दर्शकों को हंसा-हंसाकर लोटपोट कर दिया।
अनूप जलोटा से पूर्व जयपुर शहर के जाने-माने गजल गायक राजन सिंह ने गजल रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ..पेश कर माहौल को रंगीन बना दिया। उसके बाद गजल जिन्दगी में तो सभी प्यार किया करते हैं.. गुलों में रंग भरे बाद..., नौ.बहार चले. चले भी आओ गुलशन का कारोबार चले...,है बहुत लम्बी मेरे गम की कहानी फिर सही प्रस्तुत कर श्रोताओं का मन मोह लिया। कलाकारों का स्वागत कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त शासन सचिव पंकज ओझा, उस्ताद अहमद हुसैन, मोहम्मद हुसैन और इवेंट इंडिया के निदेशक भूपेन्द्र सिंह राणा ने किया। इससे पहले दोपहर में जेकेके के रंगायन में उभरते हुए कलाकार रवीन्द्र सिंह, अलीना भारती, स्वाति सक्सेना ने गजलों की प्रस्तुतियां दी। 4 दिवसीय जयपुर गजल फेस्टिवल में जयपुर के श्रोताओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।
टिकट के लिए मशक्कत
इससे पूर्व अनूप जलोटा को सुनने के लिए जवाहर कला केंद्र में श्रोताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में लोग जेकेके में टिकट काउंटर पर एंट्री पास और टिकट पाने के लिए मशक्कत करते हुए नजर आए।
Published on:
12 Jun 2022 08:57 pm
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