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JLF 2016 : मुझे स्कूल से निकाला गया था – रस्किन बॉन्ड

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में गुरुवार को चारबाग में हुए सैशन 'सीन्स फ्रॉम अ राइटर्स लाइफ' के कुछ अंश

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Amanpreet Kaur

Jan 22, 2016

Ruskin Bond

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जयपुर। हम बच्चों पर हमेशा स्कूल में अच्छे प्रदर्शन का दबाव डालते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं किरस्किन बॉन्ड को स्कूल से निकाला गया था, क्योंकि वह स्कूल छोड़कर भाग जाते थे। आज 65 साल बाद भी उन्हें अपने स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट का इंतजार है, जिसमें लिखा गया था कि वह पढ़ाई पर जरा भी ध्यान नहीं देते और अक्सर स्कूल से भाग जाते हैं।

रस्किन ने अपना यह अनुभव बच्चों के साथ बांटा तो उन्होंने सलाह भी दे डाली कि जैसे वह स्कूल से भागे थे, बच्चे न भागें। उन्होंने बच्चों से कहा कि अगर आप टीचर्स से प्यार करेंगे तो टीचर्स भी आपसे प्यार करेंगे। रस्किन ने माता-पिता को भी सलाह दी कि बच्चे हमेशा उनकी पहली प्राथमिकता उन्होंने कहा, पैरेंट्स को बच्चों के सपने पूरे करने में मदद करनी चाहिए।

एक सवाल के जबाव में उन्होंने कहा उनका बचपन काफी मुसीबतों में गुजरा। शायद इसीलिए वे बच्चों और बचपन को इतनी अच्छी तरह से समझ पाते हैं। उन्होंने दोस्ती को प्रमुखता देते हुए बताया कि उनका एक दोस्त तिहाड़ जेल में बंद है। उन्होंने अच्छा लेखक बनने के भी टिप्स दिए। बच्चों में रस्किन बॉन्ड की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चारबाग में पांव रखने तक की जगह नहीं थी।

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