
Success Story: जयपुर। जोबनेर कस्बे में किराए मकान में रहने वाले गोकुलचंद बड़जात्या ने अपने बेटे की पढ़ाई के लिए दिनरात एक कर दिए। विपरीत परिस्थितियों में बेटे विपिन को कमी का अहसास नहीं होने दिया चाहे खुद ने कितनी ही मुफलिसी का सामना किया हो। पिता को राशन की दुकान पर काम करते देख विपिन ने उनके सपनों को पूरा करने की ठानी और आखिरकार मुकाम हासिल किया। विपिन जैन को बेंगलुरू स्थित नामी कंपनी में तीस लाख रुपए का सालाना पैकेज मिला है।
विपिन की सफलता की कहानी किसी फिल्म स्टोरी से कम नहीं है। विपिन के पिता गोकुल चंद बड़जात्या की आर्थिक स्थिति कमजोर है। वे राशन की दुकान पर अनाज तुलाई का काम करते हैं। वहीं एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में नौकरी करने लगे। किराए के मकान में रहकर विपरीत परिस्थितियों में बेटे की पढ़ाई के लिए जी-तोड़ मेहनत की। विपिन के सामने इन परिस्थितियों से जूझते हुए भविष्य बनाना हिमालय पहाड़ पर चढ़ने से भी मुश्किल था। लेकिन उसने पिता के सपनों को साकार करने के लिए की ठानी। जोबनेर से स्कूल शिक्षा पूरी करने के बाद उसका आईआईटी कानपुर में सलेक्शन हुआ। वहां से विपिन ने मैटेरियल साइंस में बीटेक किया। इसके बाद विपिन को बेंगलुरू स्थित वॉलमार्ट कंपनी में तीस लाख रुपए का सालाना पैकेज मिला।
विपिन की उपलब्धि पर किया सम्मान
विपिन जैन बड़जात्या की उपलब्धि पर कस्बे की श्री शांति वीर जैन गुरुकुल समिति की ओर से उसका सम्मान किया गया। इस अवसर पर विपिन ने अपने जीवन के संघर्षों को याद किया और सफलता की कहानी बयां की। बताया कि अगर इरादे बुलंद हो तो किसी भी विपरीत परिस्थितियां मंजिल पर पहुंचने से रोक नहीं सकती। इस दौरान गुरुकुल समिति के अमित छाबड़ा, मिक्की बड़जात्या, प्रधानाचार्य हिमांशु भातरा आदि मौजूद थे।
Published on:
18 May 2023 03:27 pm

बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
