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कांग्रेस की बैठक से पहले आलाकमान ने दी ज्योति और अर्चना को चुप रहने की हिदायत

खण्डेलाल ने नेताओं पर चुनाव में काम नहीं करने के लगाए थे आरोप
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जयपुर

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Pushpendra Singh Shekhawat

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Updated: 29 May 2019, 9:31 PM IST

Jyoti Khandelwal and Archana Sharma

कांग्रेस की बैठक में ज्योति और अर्चना को मिली फटकार, आलाकमान ने दोनों को दी चुप रहने की हिदायत

जयपुर। प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) के अध्यक्ष बने रहने के केन्द्रीय कार्यसमिति के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हुई बैठक में प्रदेश प्रभारी व एआईसीसी महासचिव अविनाश पांडे ने यह प्रस्ताव रखा और सीएम अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) और डिप्टी सीएम सचिन पायलट ( Sachin Pilot ) सहित तमाम सदस्यों ने इसका अनुमोदन कर दिया। सूत्रों के अनुसार शुरू होने से पहले जयपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी ज्योति खण्डेलवाल ( jyoti khandelwal ) और प्रदेश प्रवक्ता अर्चना शर्मा को आलाकमान ने बैठक में चुप रहने की हिदायत दी गई है।


बैठक से पहले ज्योति-अर्चना से की बात

प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक शुरू होने से पहले प्रदेशाध्यक्ष के कमरे में ज्योति खण्डेलवाल व अर्चना शर्मा से कुछ देर बात की गई। इस दौरान कमरे में प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे ( avinash pandey ) मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक दोनों को बैठक में चुप रहने की हिदायत दी गई थी। इसकी वजह यह था कि एक दिन पहले ही जयपुर लोकसभा चुनाव ( Loksabha Election ) में उम्मीदवार रही खण्डेलाल ने जयपुर के नेताओं पर चुनाव में काम नहीं किए जाने के आरोप लगाए थे। सार्वजनिक रूप में मीडिया में लगाए इन आरोप के साथ सबसे पहले मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र की पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जांच कराए जाने की मांग की गई थी। मालवीय नगर विधानसभा में अर्चना शर्मा उम्मीदवार रही थी।

यह पहला या आखिरी चुनाव नहीं...

प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत में प्रदेशाध्यक्ष व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि यह पहला या आखिरी चुनाव नहीं है। राजस्थान में हम एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत पाए। इस जनादेश को विनम्रता से स्वीकार किया है। राहुल गांधी ने भी स्वीकार किया है। लेकिन हम अध्ययन करेंगे, विश्लेषण करेंगे कि राज्य में सरकार बनने के चार-पांच माह बाद ऐसे क्या हालात बने कि जनता ने भाजपा को चुना। लोकसभा सीट वार चर्चा करेंगे। कहां बदलाव की जरूरत है, चिंतन करेंगे।