
Kab Hai Utpanna Ekadashi 2020 Vishnu Puja Vidhi Utpanna Ekadashi Date
जयपुर. मार्गशीर्ष या अगहन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी उत्पन्ना एकादशी के नाम से जानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा—पाठ करने का विधान है। विष्णु पूजा से सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है और दुखों से मुक्ति मिलती है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि एकादशी पर विष्णुपूजा का त्वरित फल मिलता है।
इस वर्ष पंचांग भेद के कारण उत्पन्ना एकादशी 10 दिसंबर और 11 दिसंबर, दो दिन मनाई जा रही है। इस दिन व्रत रखकर विशेष रुप से भगवान कृ्ष्ण की पूजा की जाती है। एकादशी व्रत करने से न केवल जाने- अनजाने में किये गये पापों से मुक्ति मिलती है बल्कि उसे सुख और शान्ति भी प्राप्त होती है।
मान्यता है कि उत्पन्ना एकादशी का व्रत करनेवालों को सभी तीर्थों का फल प्राप्त होता है। जो व्यक्ति इस दिन संकल्प लेकर निर्जल व्रत रखता है, उसे मोक्ष व भगवान विष्णु की प्राप्ति होती है। इस दिन दान का सबसे ज्यादा महत्व है। इस एकादशी पर दान से लाख गुना वृद्धि के फल की बात कही गई है। इसलिए जरूरतमंदों को यथाशक्ति दान अवश्य करें।
उत्पन्ना एकादशी पर व्रत और पूजा में कुछ सावधानियां जरूर रखना चाहिए। इस तिथि पर स्नान आदि के बाद सूर्योदय के समय भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत और पूजा का संकल्प लेना चाहिए। विष्णुजी की फूल, धूप, दीप आदि से पूजन करना चाहिए। खास बात यह है कि इस व्रत में केवल फलों का भोग ही लगाया जाना चाहिए।
Published on:
08 Dec 2020 08:43 am

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