
फाइल फोटो
बादाम...बादाम...दादा.. काचा बादाम! सोशल मीडिया पर धूम मचाने वाला यह गाना शहर के प्रताप नगर थाने में भी आ पहुंचा है। स्वर वही है बस लिरिक्स में मामूली सा बदलाव कर दिया गया है। बादाम ने काजू का रूप ले लिया है। इसी काजू को काचा दिखा आंखों से सूरमा चुरा लिया गया। झटका तो तब लगा जब पीडि़त को कच्चे काजू के सपने दिखा 28 लाख ऐंठ लिए गए। यूपी निवासी पीडि़त काजू भूल मूल रकम पाने के लिए अब प्रताप नगर थाने के चक्कर लगा रहा है।
बॉलीवुड फिल्म की स्क्रिप्ट
ठगी की यह वारदात भी पूरी तरह फिल्मी है। उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित कंपनी के डायरेक्टर सुशील कुमार मिश्रा ने आरोपी अनुज सक्सैना के खिलाफ ठगी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करवाया है। पीडि़त के अनुसार खुद को काजू का बड़ा कारोबारी बता अनुज एक दिन उनसे मिला। उसका कहना था कि वह खरीदारों और विक्रेताओं के बड़े नेटवर्क से जुड़ा है जहां काजू की बड़ी मात्रा में खरीद फरोख्त होती है। कोरोना महामारी के कारण फिलहाल उसकी आर्थिक स्थिति डांवाडोल है। यदि सुशील इस धंधे में हाथ आजमाना चाहे तो वह उसकी मदद कर देगा।
मुनाफे की गारंटी मेरी
आरोपी अनुज ने झांसा दे कहा कि वह इस धंधे का पुराना चावल है और इसी अनुभव के जरिए सुशील की कंपनी मोटा मुनाफा कमा सकती है। अनुज के मुताबिक खरीदार भी वह बताएगा और काजू बिकवाने की भी उसी की गारंटी है। सुशील की कंपनी को तो केवल धंधे में रकम लगा एजेंट की भूमिका निभानी है। हर ट्रांजेक्शन पर अच्छा मुनाफा होगा यह तय है।
स्पेन में बैठी बेटी को भी घंटी मारी
लच्छेदार बातों में आए पीडि़त सुशील ने आरोपी के कहे अनुसार उसके खाते में 27 लाख 89 हजार रुपए शिफ्ट कर दिए। उस समय ठगी के मास्टर माइंड ने जयपुर की किसी पार्टी का हवाला भी दिया जो पूरा भुगतान करके माल उठाने को तैयार थी। ऐसे में पीडि़त को लगा कि इस हाथ से माल गोदाम में आएगा और दूसरे हाथ निकल जाएगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। काफी दिन तक जब अनुज ने काजू की सप्लाई नहीं की तो पीडि़त ने उसे कॉल किया। दूसरी ओर से फोन बंद कर लिया गया। माजरा भांपते हुए पीडि़त ने स्पेन में बैठी आरोपी की बेटी से संपर्क किया लेकिन वहां से भी टरका दिया गया। पैसा डूबता देख पीडि़त ने पुलिस की शरण ली और केस दर्ज करवाया। पुलिस मामले में आरोपी की तलाश में जुट गई है।
Published on:
20 Apr 2022 01:17 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
