
कारगिल शौर्य वाटिका का उद्घाटन (फोटो-एक्स)
जयपुर: जयपुर स्थित राजस्थान विधानसभा परिसर अब सिर्फ कानून निर्माण का स्थान नहीं, बल्कि राष्ट्र प्रेरणा का तीर्थ भी बन गया है। कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ के मौके पर यहां ‘कारगिल शौर्य वाटिका’ का उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर आयोजित समारोह में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए 21 जवानों की वीरांगनाओं को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस वाटिका में वीरांगनाओं ने सिंदूर का पौधा रोपकर शहीदों की स्मृति को नमन किया।
साथ ही 1,100 अन्य पौधे भी लगाए गए। देवनानी ने कहा कि यह वाटिका जनप्रतिनिधियों को हर बार यह याद दिलाएगी कि देश की स्वतंत्रता और संविधान की रक्षा वीर शहीदों के बलिदान से संभव हुई है।
सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने इसे एक अनुकरणीय पहल बताते हुए कहा कि वीरांगनाओं का सम्मान समाज का साझा दायित्व है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में जहां वीरांगनाएं रहती हैं, वहां के नागरिकों को विशेष संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि यह वाटिका केवल हरियाली नहीं, बल्कि शहीदों की स्मृति का पावन स्थल है।
इस सम्मान समारोह में चूरू, सीकर, झुंझुनूं, जयपुर और कोटपूतली-बहरोड़ जैसे जिलों की वीरांगनाएं शामिल हुईं। कार्यक्रम में विधायकगण, सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर, विधानसभा के प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। यह पहल राजस्थान विधानसभा को देश की अन्य विधानसभाओं से अलग बनाती है, जहां प्रकृति संरक्षण और शहीद सम्मान एक साथ देखने को मिलता है।
Published on:
25 Jul 2025 09:11 am
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