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जयपुर की केसर ने एक हाथ से जीती दुनिया… 10 साल की उम्र में हाथ गंवाया, 13 वर्ष की होने पर बनाया वर्ल्ड रेकॉर्ड

जब महज 10 साल की थी केसर, तब एक हादसे में अपना दायां हाथ खो दिया, मां ने संभाला, मां-बेटी की यह जोड़ी आज लाखों लोगों के लिए बनी प्रेरणा
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जयपुर

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Pushpendra Singh Shekhawat

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Updated: 21 Jul 2025, 7:45 PM IST

kesar pareek

जयपुर। शहर की एक 13 साल की बच्ची 'केसर' की ऐसी कहानी लोगों के लिए एक प्रेरणा है। जिसने यह बता दिया चाहे कैसी भी मुश्किल हो मगर हौसला नहीं खोना चाहिए। महज़ 10 साल की उम्र में एक हादसे में उसने अपना दायां हाथ खो दिया। इतने बड़े हादसे के बाद भी केसर ने हौसला नहीं खोया, उसने अपनी मेहनत और लगन से अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी अपना नाम दर्ज करवाया है।

मां-बेटी की जोड़ी बनी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा

शहर के निजी स्कूल में सातवीं क्लास में पढ़ रही केसर पारीक ने आंखों पर पट्टी बांध कर सबसे अधिक देर तक बैडमिंटन खेलने का रेकॉर्ड बनाया है। केसर ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपनी मां को दिया है। जिन्होंने न केवल केसर का साथ दिया, बल्कि उसे हर दर्द और चुनौती से लड़ना सिखाया। मां-बेटी की यह जोड़ी आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

आंख पर पट्टी बांध खेला बैडमिंटन

13 वर्षीय केसर परीक ने आंखों पर पट्टी बांधकर सबसे लंबी अवधि तक बैडमिंटन खेलने का इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड अपने नाम किया है। केसर ने 80 प्रतिशत गतिशीलता (लोकोमोटर) विकलांगता के बावजूद, अद्भुत कौशल और साहस का परिचय देते हुए, बाएं हाथ से आंखों पर पट्टी बांधकर लगातार 5 मिनट तक बैडमिंटन खेला, वह भी नेट के पार।

बाएं हाथ से लिखना सीखा, बनी कलाकार

हाथ कटने के बाद केसर ने बाएं हाथ से दोबारा लिखना और ड्रांइट करना सीखा। आज वह न केवल एक प्रतिभाशाली आर्टिस्ट और डांसर है, बल्कि 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग में प्री-स्टेट स्तर तक क्वालिफाई कर चुकी है।