12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोरोना संकटः अनाथ बच्चों की फ्री शिक्षा के लिए 6 माह का वेतन देंगे खाचरियावास

बनाएंगे किड्स वेलफेयर फंड, भामाशाह एवं समाजसेवियों को किया जाएगा शामिल

less than 1 minute read
Google source verification
pratap singh

pratap singh

जयपुर। कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों की देखभाल और निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था के लिए परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास आगे हैं। मंत्री खाचरियावास का कहना है कि ने कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों की मदद करने के लिए हमें आगे आना होगा जिन्होंने अपने माता पिता को खो दिया है और अब उनके सामने पूरी जिंदगी आगे बढ़ने की चुनौती होगी।


उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की मदद के लिए वह स्वयं अपनी 6 माह की तनख्वाह ₹5.10 लाख रुपए देकर किड्स वेलफेयर फंड बनाएंगे। इसमें सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र के भामाशाह, विकास समितियों और प्रतिष्ठित समाजसेवियों को शामिल किया जाएगा। किड्स वेलफेयर फंड को अपने माता पिता को खो चुके बच्चों के वेलफेयर, फ्री शिक्षा, हर महीने खर्चे के लिए एक राशि निर्धारित करने का काम करेंगे।


खाचरियावास ने कहा कि जिस प्रकार सिविल लाइंस में किड्स वेलफेयर फंड की व्यवस्था होगी उसी तरह सभी विधानसभा क्षेत्रों में सभी विधायक भी अपने स्तर पर इस तरह का योगदान देकर समाज के समाजसेवियों को शामिल करके पूरे राजस्थान में अनाथ हुए बच्चों के लिए एक सुनहरी जिंदगी जीने के रास्ते बना सकते हैं। कोरोना संकट के कारण जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया और बेसहारा हो गए उन्हें हम माता-पिता तो नहीं दे सकते लेकिन हम उनके परिवार का सदस्य बनकर उनके साथ खड़े होकर उनके भविष्य के लिए उन सभी व्यवस्थाओं को कर सकते हैं जो माता पिता और उनके परिवारजन करते हैं।


खाचरियावास ने कहा कि इसी कड़ी में सिविल लाइंस में किड्स वेलफेयर फंड की स्थापना की गई है। राजधानी जयपुर में अन्य जगहों पर भी या राजस्थान में जहां भी जरूरत होगी इस वेलफेयर फंड से यदि हम मदद करने की स्थिति में रहेंगे तो हम सभी जगह अनाथ हुए बच्चों की पूरी मदद करेंगे।