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31 मार्च तक मिल जाएगा खरीफ-2019 के खराबे का मुआवजा

सरकार ने किया आश्वस्त
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जयपुर

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Jagdish Vijayvergiya

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Updated: 2 Mar 2020, 6:53 PM IST

31 मार्च तक मिल जाएगा खरीफ-2019 के खराबे का मुआवजा

31 मार्च तक मिल जाएगा खरीफ-2019 के खराबे का मुआवजा

जयपुर. विधानसभा में सोमवार को आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री भंवरलाल मेघवाल ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार सभी किसानों को खरीफ-2019 के खराबे का मुआवजा 31 मार्च तक दे देगी। पिछले 5 साल में पहली बार प्रभावित किसानों को मुआवजा देने का काम फरवरी में शुरू हुआ है। पहले मई-जून से पहले शुरू नहीं होता था। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने उनसे कई सवाल किए। दोबारा गिरदावरी कराने के सवाल पर मेघवाल ने कहा कि उदयपुर जिले में वर्ष 2019 में मौसमी प्रकोप से हुए फसल खराबे की गिरदावरी एक बार करवाई जा चुकी है। गिरदावरी एक ही बार होती है, दोबारा कराना संभव नहीं है। विधायक धर्मनारायण जोशी के मूल प्रश्न के जवाब में उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदा से दिसम्बर 2018 एवं जनवरी 2020 में कोई खराबा नहीं हुआ। वर्ष 2019 में मावली विधानसभा क्षेत्र में 3954, वल्लभनगर में 43520, उदयपुर ग्रामीण में 8294 और कुल 55768 हैक्टेयर फसलों का खराबा हुआ। एसडीआरएफ के नियमानुसार 902 कृषकों को 29.22 लाख रुपए कृषि आदान अनुदान का भुगतान कर दिया गया है।

किस सवाल पर मिला क्या जवाब
- विधायक वासुदेव देवनानी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से संस्कृत शिक्षा में सीधी भर्ती का परिणाम आने पर अजमेर में प्राध्यापकों की नियुक्ति कर दी जाएगी। सामान्य शिक्षा की भर्ती भी साथ होती हैं तो अधिकतर शिक्षक उस भर्ती में चले जाते हैं। इससे संस्कृत शिक्षा के पद खाली रह जाते हैं। इसलिए अब शिक्षकों की सामान्य शिक्षा की भर्ती के बाद काउसलिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि संस्कृत शिक्षा विभाग में वर्ष 2018-19 में नए राजकीय विद्यालय एवं महाविद्यालय नहीं खोले गए।
- विधायक लाखन सिंह के मूल प्रश्न और पूरक प्रश्नों के जवाब में देवस्थान राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने बताया कि राज्य सरकार ने करौली शहर में पतंजलि को कोई जमीन लीज पर नहीं दी है। पूर्ववर्ती सरकार में पतंजलि ट्रस्ट को 9 साल के लिए भूमि लीज पर देने पर सहमति बनी लेकिन स्वीकृति देने के बाद उसे वापस ले लिया गया था।
- विधायक मुरारीलाल के मूल प्रश्न पर राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने जवाब दिया कि गांवों में कृषि व सिवायचक पर बसी आबादी को नियमानुसार पट्टे देने की सरकार की मंशा है।

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