सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने एक बार फिर भाजपा को आइना दिखाया है। वीरांगनाओं के साथा 11वें दिन भी उनका धरना जारी है। इसके चलते पार्टी को उनके साथ आना पड़ा है। हालांकि प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां की धरने से दूरी बनाए रखी है। उनके निर्देश पर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन वो खुद नहीं आए।
जयपुर। सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने एक बार फिर भाजपा को आइना दिखाया है। वीरांगनाओं के साथा 11वें दिन भी उनका धरना जारी है। इसके चलते पार्टी को उनके साथ आना पड़ा है। हालांकि प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां की धरने से दूरी बनाए रखी है। उनके निर्देश पर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन वो खुद नहीं आए।
यह पहला मौका नहीं है, जब पार्टी किरोड़ी के साथ आई है। इससे पहले भी पेपर लीक मामले को लेकर उन्होंने घाट की गूणी में धरना दिया था तब भी पार्टी को उनके साथ आना पड़ा था। खुद प्रभारी अरुण सिंह भी किरोड़ी के धरने में शामिल हो चुके हैं। माना जा रहा है कि पार्टी इस मामले को पूरे प्रदेशभर में उठाएगी। गौरतलब है कि मीणा ने बीते दिनों 12 दिन तक जयपुर के पास आगरा रोड पर पेपर लीक को लेकर धरना दिया था। आखिरी दिन मीणा ने अपनी ही पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष पर सवाल उठाए थे। मीणा ने कहा था कि हमारी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने धरना स्थल पर आकर वादा किया था कि युवा मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पेपर लीक प्रकरण को लेकर बड़ा आन्दोलन करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
जिलों में होंगे प्रदर्शन
पेपर लीक, अपराध के साथ वीरांगनाओं वाले मामले को भी अब जिला स्तर पर होने वाले प्रदर्शनों में उठाया जाएगा। जयपुर में बड़ा प्रदर्शन हो चुका है। अब जिलों में प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। इसमें भी वीरांगनाओं के साथ दुर्व्यवहार के मुद्दें को उठाया जाएगा। साथ ही पार्टी के मोर्चा भी विभिन्न मुद्दो को लेकर सरकार को घेरेंगे।
राज्यपाल ने किया हस्तक्षेप
राज्यपाल कलराज मिश्र ने भी मामले में हस्तक्षेप किया है। भाजपा के ज्ञापन के बाद राज्यपाल ने भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने वीरांगनाओं द्वारा इच्छा मृत्यु की बात का भी उल्लेख किया है। राज्यपाल ने सीएम को लिखा है कि वीर सपूतों के परिवार की देखभाल और यथोचित सम्मान राज्य का दायित्व है। इसलिए सकारात्मक कार्रवाई के निर्देश प्रदान किए जाएं।