
आज सुबह गोल्ड दूध को तरसे जयपुर के लोग
फल सब्जियों के दाम भी चौगुने होने की तैयारी में
जयपुर। प्रदेश भर में चल रहे किसानों के गांव बंद आंदोलन के पांचवें दिन जयपुर शहर के लोग गोल्ड दूध के लिए तरस गए। लोग आज सुबह डेयरी बूथों पर पहुंचे लेकिन उनको गोल्ड दूध नहीं मिला। उधर जयपुर डेयरी ने गोल्ड दूध की सप्लाई रोक कर नीले दूध की सप्लाई बढ़ा दी है। डेयरी बूथ संचालक भी अब सिर्फ नीली थैली वाला ही दूध उपभोक्ताओं को दे रहे हैं।
वहीं आंदोलन से राजधानी जयपुर में खडे हुए दूध संकट से निपटने के लिए डेयरी प्रबंधन ने आज दोपहर बाद आपात बैठक बुलाई है। वहीं डेयरी प्रबंधन दावा कर रहा है कि गोल्ड दूध नहीं होने से छाछ और लस्सी की सप्लाई पर कोई असर नहीं आ रहा है, लेकिन हकीकत में डेयरी बूथों पर छाछ और लस्सी की भी किल्लत है।
जयपुर डेयरी अध्यक्ष ओम प्रकाश पूनिया ने दावा किया है कि किसानों के गांव बंद आंदोलन के बावजूद भी आज भी जयपुर डेयरी ने नौ लाख लीटर दूध प्रतिदिन सप्लाई की है। उधर दूध की किल्लत के कारण राजधानी जयपुर में जहां सुबह दूध मिलना चाहिए। वहीं लोगों को दस बजे तक दूध मिल रहा है।
उधर दूध के साथ ही मंडियों में भी फल सब्जियों की आवक कम हो गई है। हालात ऐसे हैं कि चार दिन में ही फल सब्जियों के दाम चौगने होने की स्थिति में है। फल सब्जी विक्रेता भी यही कहते हैं कि मुहाना मंडी में ट्रक कम हा रहे है। जिससे ऐसे हालात पैदा हुए हैं।
मिला नीली थैली वाला दूध
किसानों के गांव बंद आंदोलन की वजह से कम आए दूध के चलते डेयरी में गोल्ड दूध का उत्पादन बंद हो गया है। डेयरी प्रबंधन ने शहर के लोगों को राहत देने के लिए नीली थैली वाला दूध ही बाजार में उतारा। चाय की थड़ियों पर भी नीला वाला दूध ही काम में लिया गया। घरों में गोल्ड दूध नहीं पहुंचने से लोगों को परेशानी का समाना करना पड़ा।
Published on:
05 Jun 2018 01:37 pm

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