
सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ
UGC Protest Rajasthan: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियम लागू करने पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है, लेकिन इन नियमों को पूरी तरह वापस लेने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से जमकर विरोध हो रहा है। राजपूत करणी सेना और विप्र महासभा की ओर से आगामी एक फरवरी को जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर बड़े आंदोलन का एलान किया गया है।
राजपूत सभा भवन में हुई एक बैठक में राजपूत समाज, ब्राह्मण समाज, अग्रवाल समाज, कायस्थ समाज सहित अन्य समाजों ने एक साझा संघर्ष समिति गठित करने का ऐलान किया है। संघर्ष समिति इस आंदोलन की आगामी रणनीति तय करेगी। राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने यूजीसी के नए नियमों की तुलना ब्रिटिश सरकार द्वारा लाए गए रॉलेट एक्ट से की और कहा कि जब तक यूजीसी द्वारा नए नियम वापस नहीं लिए जाते तब तक लड़ाई जारी रहेगी।
यूजीसी के नए प्रावधान में एससी-एसटी और ओबीसी को समानता देने की बात कही जा रही है, लेकिन जेएनयू में नारे लगाने वाले कुंठित मानसिकता वालों के खिलाफ कौनसा कानून है। मकराना ने कहा कि यूजीसी के नए नियम किसी भी सूरत में लागू नहीं होने दिए जाएंगे। इन नियमों के तहत बनी कमेटियों में एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाओं और दिव्यांगों के प्रतिनिधि होंगे, लेकिन सामान्य वर्ग की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं होगा। इसमें अपील, दलील और वकील का प्रावधान नहीं है जो ब्रिटिश राज में 1919 में आए रॉलेट एक्ट की याद दिलाता है।
राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों पर स्टे दिया है। यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ देशभर में हर गली-मोहल्ले में जाकर हर संगठन को साथ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सबको साथ आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी मान चुका है कि एससी-एसटी एक्ट में बड़ी संख्या में मुकदमे गलत साबित हुए हैं। ऐसे में जिन पर गलत मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनकी सुध लेने वाला कौन है।
राजपूत सभा के अध्यक्ष रामसिंह चंदलाई का कहना है कि यूजीसी के नए नियम बिलकुल एक तरफा हैं। सामान्य वर्ग के स्टूडेंट पर किसी भी प्रकार का आरोप लगता है तो एकतरफा कार्रवाई का प्रावधान है। इसलिए इसका चारों तरफ विरोध हो रहा है। नए नियमों के विरोध में सर्व समाज की आयोजित बैठक में अलग-अलग समाज के प्रतिनिधियों भाग लिया है। इस बैठक में आंदोलन तेज करने की रणनीति पर चर्चा की गई है।
उन्होंने कहा कि यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति सर्व समाज संघर्ष समिति तय करेगी। यह बच्चों के भविष्य का सवाल है इसलिए हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हम किसी के विरोध में नहीं हैं, लेकिन सभी के साथ समान बर्ताव होना चाहिए।
Published on:
30 Jan 2026 09:43 am
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