
जज अजय कुमार विश्नोई, जिन्होंने एक ही दिन में सुना दिया फैसला, लंच तक नहीं किया
कोटपुतली-बहरोड़ : राजस्थान के न्यायिक इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। कोटपुतली-बहरोड़ जिले के पावटा स्थित एक अदालत ने वह कर दिखाया जो आमतौर पर मुमकिन नहीं माना जाता। न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. अजय कुमार बिश्नोई ने चोरी के एक मामले में आरोप पत्र (Charge Sheet) पेश होने के मात्र एक ही दिन के भीतर पूरा ट्रायल खत्म कर अपराधियों को सजा सुना दी। यह राजस्थान का संभवतः पहला ऐसा मामला है जहाँ चार्जशीट फाइल होने, गवाही होने और सजा सुनाने की पूरी प्रक्रिया महज 24 घंटे में संपन्न कर ली गई।
अभियोजन अधिकारी डॉ. पंकज यादव के अनुसार, चोरी की यह घटना 5 जनवरी, 2026 की मध्य रात्रि को हुई थी। नारायणपुर मोड़ पर स्थित हरिओम जनरल स्टोर, श्री श्याम मिष्ठान भंडार, एम.एस. मोबाइल सेंटर और मानवी हेल्थ केयर के शटर उखाड़कर अज्ञात चोरों ने नकदी पार कर दी थी। इस संबंध में स्थानीय निवासी विक्रम सिंह, श्योपाल सैनी, ईश्वर सैनी और अंकित सिंघल ने प्रागपुरा थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 27 जनवरी को तीन आरोपियों—विजयपाल, कपिल और राजेश—को गिरफ्तार किया।
29 जनवरी, 2026 को पुलिस ने जैसे ही अदालत में आरोप पत्र पेश किया, कोर्ट ने तुरंत कार्यवाही शुरू कर दी। अभियोजन पक्ष ने मुस्तैदी दिखाते हुए 07 गवाहों के बयान दर्ज करवाए और 50 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रदर्शित किए।
न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. अजय कुमार बिश्नोई ने साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 03-03 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, प्रत्येक अभियुक्त पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
उल्लेखनीय है कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि शर्मा ने हाल ही में चोरी और लूट जैसे प्रकरणों में त्वरित निर्णय लेने के लिए सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया था। पावटा कोर्ट का यह फैसला इसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पूरे जिले के अपराधियों में हड़कंप मच गया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह त्वरित न्याय मिले, तो समाज में अपराध दर में भारी कमी आएगी।
Updated on:
30 Jan 2026 08:50 am
Published on:
30 Jan 2026 08:50 am
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