
प्रतीकात्मक तस्वीर
जयपुर। कनिष्ठ अभियंता (जेई) संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा निरस्त कर दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद पेपर माफिया का नेटवर्क सक्रिय रहा। पहली परीक्षा रद्द होने पर खरीदार अभ्यर्थियों ने पैसे लौटाने का दबाव बनाया तो गिरोह ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पुनः आयोजित परीक्षा का प्रश्नपत्र भी पहले ही उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसी के तहत 12 सितंबर 2021 को हुई पुनः परीक्षा का पेपर भी परीक्षा से पहले ही आउट कर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि इस संबंध में नया प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में पुनः आयोजित परीक्षा से पहले ही पेपर लेकर नौकरी हासिल करने वाले सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता और पेपर लीक माफिया के सरगना को गिरफ्तार किया गया है।
सांचौर के डांटा निवासी सरगना जगदीश बिश्नोई और डेडवा निवासी गणपतलाल बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपी जगदीश ने स्वीकार किया कि उसने अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों तक पहुंचाया था। जांच में सामने आया कि पीडब्ल्यूडी में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत गणपतलाल बिश्नोई ने अवैध और अनुचित साधनों से परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
इसके चलते उसका मेरिट क्रमांक 12 आया और बाद में उसे पदोन्नति भी मिली। गणपतलाल को भी गिरफ्तार किया गया है, जो वर्तमान में एसओजी की रिमांड पर है। आरोपी गणपतलाल बाड़मेर स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय में पदस्थ है। अन्य आरोपियों के संबंध में जांच जारी है। परीक्षा से पहले पेपर लेने वाले कई आरोपी जेईएन पद पर भर्ती होकर वर्तमान में एईएन बन गए हैं।
एसओजी के अनुसार, 12 सितंबर 2021 को जेईएन परीक्षा का पेपर लीक किया गया। इसके बाद 13 से 15 सितंबर 2021 के बीच आयोजित सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में भी प्रश्नपत्र लीक होने के तथ्य जांच में सामने आए। इससे स्पष्ट हुआ है कि उस समय राज्य की प्रमुख भर्ती परीक्षाओं को प्रभावित करने के लिए एक संगठित गिरोह सक्रिय था।
Updated on:
30 Jan 2026 09:18 am
Published on:
30 Jan 2026 09:16 am

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