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Know Your Army Exhibition: कंपनी क्वार्टर हवलदार अब्दुल हमीद की जीप ने दिलों में जगाया गर्व, नियाजी की कार बनी सरेंडर की गवाह

Know Your Army Exhibition: जयपुर। भवानी निकेतन कॉलेज में शुरू हुई नो योर आर्मी प्रदर्शनी ने आमजन और युवाओं में देशभक्ति की लहर दौड़ा दी। प्रदर्शनी में 1965 के भारत‑पाक युद्ध में अद्वितीय वीरता दिखाने वाले कंपनी क्वार्टर हवलदार अब्दुल हमीद की आरसीएल जीप प्रदर्शित हुई।

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कंपनी क्वार्टर हवलदार अब्दुल हमीद की आरसीएल जीप प्रदर्शित, पत्रिका फोटो

कंपनी क्वार्टर हवलदार अब्दुल हमीद की आरसीएल जीप प्रदर्शित, पत्रिका फोटो

Know Your Army Exhibition: जयपुर। भवानी निकेतन कॉलेज में शुरू हुई नो योर आर्मी प्रदर्शनी ने आमजन और युवाओं में देशभक्ति की लहर दौड़ा दी। प्रदर्शनी में 1965 के भारत‑पाक युद्ध में अद्वितीय वीरता दिखाने वाले कंपनी क्वार्टर हवलदार अब्दुल हमीद की आरसीएल जीप प्रदर्शित हुई, तो लोगों की आंखों में गर्व और दिलों में जोश भर गया।

1971 युद्ध में ढाका आत्मसमर्पण के बाद जब्त की गई पाकिस्तानी कमांडर नियाजी की मर्सिडीज कार भारतीय सेना की जीत का प्रतीक बनकर खड़ी है। प्रदर्शनी देखने आए बच्चों और एनसीसी कैडेट्स ने कहा कि हमें भी सेना में जाना है।

दुश्मन की कार-टैंक जब्त, जीप से उड़ाए दुश्मन के टैंक

जानकारी में सामने आया कि अब्दुल हमीद 4वीं बटालियन द ग्रेनेडियर्स में तैनात थे। उन्होंने 106 मिमी रिकॉयलेस राइफल से लैस जीप में सवार होकर उन्होंने असाल उत्तर की लड़ाई में पंजाब में दुश्मन के आठ टैंक नष्ट किए थे। इसके बाद उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से नवाजा गया। यह जीप जबलपुर से लाई गई है। इसके नजदीक ब्लैक रंग की चमचमाती मर्सिडीज कार भी प्रदर्शित की गई थी, जो पाकिस्तान के पूर्वी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल ए.ए.के.नियाजी की बताई गई।

16 दिसंबर 1971 को ढाका में हुए बिना शर्त आत्मसमर्पण के बाद भारतीय सेना ने इस कार को अपने कब्जे में लिया था। यह वर्तमान में ईस्टर्न कमांड में युद्ध ट्रॉफी के रूप में संरक्षित है। वहीं, गेट के पास पाकिस्तान की 24वीं कैवेलरी रेजिमेंट का टैंक भी प्रदर्शित किया गया, जो भारतीय सेना के गौरव की निशानी है।

बेटियां बोलीं, हमें भी सेना में जाना है

कई लोग बच्चों के साथ प्रदर्शनी देखने पहुंचे। इस दौरान रूद्रांश शेखावत ने बताया कि वे अपने दादा रणवीर सिंह शेखावत के साथ प्रदर्शनी देखने आए हैं। उनके दादा भी सेना में थे और वे भी सेना में जाना चाहते हैं।

एनसीसी कैडेट निशा कंवर, कैडेट आयुषी नाथावत और कैडेट निष्ठा भट्ट भी खुश नजर आईं। बातचीत में उन्होंने बताया कि वे एनसीसी की ओर से हिस्सा ले रही हैं। उन्हें बेहद गर्व महसूस हो रहा है। पहली बार उन्हें इतने करीब से सेना को जानने का मौका मिला है और वे भी सेना में भर्ती होना चाहती हैं।

दुश्मन के 3 एयरबेस को किया तबाह

सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के तीन एयरबेस-नूर खान (रावलपिंडी), सरगोधा (मुशफ एयरबेस) और मुरीद को तबाह करने में अहम भूमिका निभाई। यह मिसाइल 450 किलोमीटर दूरी तक दुश्मन को बर्बाद करने में सक्षम है। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर में उपयोग में लिए गए अपग्रेडेड शिल्का, पायलटलेस टार्गेट एयरक्राफ्ट, एल-70 गन, टैंक टी-90 समेत कई अत्याधुनिक हथियार भी प्रदर्शित किए गए।

ड्रोन को 15 किमी में ढूंढने में सक्षम

प्रदर्शनी में व्हीकल बेस्ड ड्रोन जैमर 15 किलोमीटर दूरी में ड्रोन को ढूंढने की क्षमता रखता है और उसे जाम कर देता है। मानव पोर्टेबल काउंटर ड्रोन सिस्टम, गामा रेडिएशन एरियल सर्विलांस सिस्टम, ड्रोन प्रलय, सी-यूएएस प्रबल, पोर्टेबल कू-बैंड टर्मिनल, इनवार मिसाइल, प्रिसीजन अटैक लाइटनिंग म्यूनिशन समेत अन्य अत्याधुनिक उपकरण भी प्रदर्शित किए गए।