
वेद-पुराण और ज्योतिष समेत 18 प्रमुख भारतीय विद्याओं पर अब विद्यार्थियों को मिलेगा Credit
नई दिल्ली. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से जारी नए नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (एनसीआरएफ) में पुराणों, वेदों, धर्मशास्त्रों, ज्योतिष आदि भारतीय ज्ञान परंपरा के अन्य आयामों को भी शामिल करने की पहल की गई है। इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा की 18 प्रमुख विद्याओं और 64 कला कौशल का उल्लेख किया गया है। यानी विद्यार्थियों को अब इन विद्याओं में भी क्रेडिट मिलेगा।
आयोग का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में सामान्य शिक्षा एवं व्यवसायिक शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया है। आयोग ने सभी उच्च शैक्षणिक संस्थानों से एनसीआरएफ को लागू करने के लिए जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया गया है। एनसीआरएफ में विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वालों को क्रेडिट प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। एनसीआरएफ में कहा गया है कि विद्यार्थियों को खेल, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, सामाजिक कार्य, मंचीय कला, ललित कला, परंपरा, धरोहर, साहित्य, भारतीय ज्ञान परंपरा आदि क्षेत्रों में बढ़ावा दिया जाए।
ये विषय शामिल
एनसीआरएफ में कहा गया कि चार वेदों समेत 18 विद्याओं का ज्ञान, चार सहायक वेद (आयुर्वेद-चिकित्सा, धनुर्वेद-शस्त्र, गंधर्व-संगीत और शिल्प-वास्तुकला), पुराण, न्याय, मीमांसा, धर्मशास्त्र, वेदांग, छह सहायक विज्ञान, ध्वनि-विज्ञान, व्याकरण, छंद, खगोल विज्ञान, अनुष्ठान और दर्शन को क्रेडिटेशन के लिए माना जा सकता है।
एबीसी करेगी संचालन
एनसीआरएफ को यूजीसी की ओर से पिछले साल लॉन्च किए गए एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) के माध्यम से संचालित किया जाएगा। एनसीआरएफ केंद्र की उच्च स्तरीय समिति ने बनाया है। इसमें एआईसीटीई, यूजीसी, एनसीवीईटी, एनआईओएस, सीबीएसई, एनसीईआरटी, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, डीजीटी और कौशल विकास मंत्रालय के सदस्य शामिल हैं।
Published on:
12 Apr 2023 10:27 pm
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