
जांच में कमी, विमंदित युवती से रेप का आरोपी बरी, पुलिस को देने पड़ेंगे आरोपी को इतने लाख रुपए
जयपुर। मूक-बधिर व विमंदित युवती से बलात्कार केे मामले में आरोपी अनीस खां उर्फ घीसू को कोटा जिले की पोक्सो न्यायालय क्रम-संख्या 4 के न्यायाधीश मोहम्मद आरिफ ने साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। साथ ही, आरोपी को राज्य सरकार की ओर से बतौर क्षतिपूर्ति 3 लाख रुपए दिलाने के आदेश जारी किए हैं।
आदेश में यह भी लिखा है कि क्षतिपूर्ति के लिए ये राशि रामपुरा कोतवाली थाने के तत्कालीन उप निरीक्षक व अनुसंधान अधिकारी उदयलाल और तत्कालीन अनुसंधान अधिकारी पुलिस निरीक्षक पवन कुमार एवं तत्कालीन पुलिस अधीक्षक शहर के वेतन से वसूली करने के लिए राज्य सरकार स्वतंत्र है। निर्णय की एक प्रति जिला कलक्टर कोटा को भी पालना के लिए भेजकर निर्देशित किया की वह राज्य सरकार के प्रतिनिधि बतौर 2 माह के भीतर उक्त क्षतिपूर्ति राशि 3 लाख रुपए इस न्यायालय में जमा कराएं।
क्या था मामला
फरियादिया ने 31 अगस्त 2020 को लिखित रिपोर्ट रामपुरा कोतवाली में दी थी कि उसके 4 लड़कियां और 2 लडक़े हैं। पीड़िता उसकी 22 साल की पुत्री है, जो बचपन से ही मूक-बधिर है तथा मंदबुद्धि है। डॉक्टर ने जब चैकअप किया तो पीड़िता को चार-पांच महीने की गर्भवती बताया। पुत्री केवल इशारे समझती है। फरियादिया ने पुत्री से इशारों से उसके साथ गलत काम करने वाले के बारे में पूछा तब उसने यूसुफ के बारे में बताया। युसूफ मोहल्ले में ही अपनी बहन के साथ कमरा किराए पर लेकर रह रहा था। फरियादिया ने उसके खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी रेलवे कॉलोनी क्षेत्र के महात्मा गांधी कॉलोनी हाल रामपुरा कोतवाली निवासी अनीश खान उर्फ घीसू के विरुद्ध धारा 376 (2)(एल) 376 (2)(एन) भादस के तहत न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
नहीं हुए आरोप साबित
न्यायालय ने निर्णय में कहा कि पुलिस की दोषपूर्ण कार्यप्रणाली के कारण, अधूरे अनुसंधान और सबूतों, साक्ष्यों व बयानों के आधार पर भी अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्य से यह तथ्य साबित करने में असफल रहा है कि आरोपी अनीस उर्फ घीसू ने ही पीड़िता के साथ उसकी इच्छा एवं सहमति के बिना एक से अधिक बार बलात्कार किया।
Published on:
06 May 2023 10:18 pm
