
जयपुर।
बच्चियों को देवी बताकर पूजने का दिखावा करने वाली एक साध्वी पर कानोता थाने में युवतियों से दुराचार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खास बात यह है कि आरोपी साध्वी के खिलाफ शिकायत दर्ज होते ही कई लोग बचाने में जुट गए है। मामले को दबाने के लिए आश्रम में रहने वाली मासूम बच्चियों को बीच पढ़ाई ही वापस लौटा दिया गया। जबकि आरोप लगाने वाली पीडि़ता शक्ति स्तम्भ में रह रही है। उधर, मामला दर्ज होने के साथ ही आरोपी साध्वी आश्रम से फरार है, जबकि मामला दबाने की पूरी जानकारी है।
सूत्रों का कहना है कि जामड़ोली में एक आश्रम चलाने वाली साध्वी समदर्शी पर कलेक्टर ऑफिस से आदेश आने के बाद 29 सितंबर को छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ। महिला साध्वी पर जबरन संबंध बनाने का आरोप है। आरोप लगाने वाली युवती पिछले ढ़ाई माह से उसके आश्रम में रह रही थी। जब उसके साथ साध्वी ने समलैंगिक होने का प्रयास किया तो उसने आश्रम में किशोरी बालिकाओं को जानकारी दी।
किशोरी बालिकाओं ने साध्वी की इस करतूत का पिछले कई दिनों से शिकार होना बताया। पीडि़ता की जानकारी पर थाना और चाइल्ड हैल्पलाइन ने आश्रम में छापा डाला तो वहां पर त्रिपुरा से लाई गई 6 से 16 साल तक की 16 बच्चियों को रेस्क्यू किया गया।
बीच पढ़ाई बच्चियों को लौटाया
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष नरेंद्र सिखवाल ने बताया कि 10 दिन पहले शिशु गृह में दूसरे राज्यों के बच्चों को लाया गया था। आश्रम संचालक पर कुछ आरोप थे, जिसके संदर्भ में बच्चों की काउंसलिंग करवाई गई, फिलहाल उनको रोकने जैसा मामला नजर नहीं आ रहा, मंगलवार शाम परिजनों को बुलाकर सौंप दिया गया।
पढऩे के लिए भेजा था जेल में नहीं
वहीं बच्चों को लेने आए अभिभावकों ने सीडब्ल्यूसी को जमकर खरीखोटी सुनाई। उनका कहना था कि हमने बच्चों को पढऩे के लिए भेजा था, यहां उनको जेल में बंद कर रखा है। परिजनों के आक्रोश पर मौजूद साध्वी की रिश्तेदार भी चुप्पी साधे रही।
साध्वी के खिलाफ दर्ज मामले में पीडि़ता के बयान हो गए है। दूसरे राज्यों की मिली बच्चियों के बारे में नोटिस जारी कर दिए गए है। आगे कार्रवाई की जा रही है।
- गौरीशंकर बोहरा, कानोता थानाधिकारी
Updated on:
17 Oct 2018 08:40 am
Published on:
17 Oct 2018 08:39 am
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