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जमीन की दिक्कत: सहकार मार्ग-टोंक रोड पर नहीं बनेंगे सब-वे, जेडीए को नहीं राहगीरों की फिक्र

ऐसे ही काम चला तो कई परियोजनाएं अगली सरकार में होंगी पूरी! लक्ष्मी मंदिर, बी टू बाइपास पर काम की धीमी गतिजेडीए सर्कल और रामबाग चौराहे का काम ठंडे बस्ते में    

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जमीन की दिक्कत: सहकार मार्ग-टोंक रोड पर नहीं बनेंगे सब वे, राहगीरों की नहीं जेडीए को फिक्र

जमीन की दिक्कत: सहकार मार्ग-टोंक रोड पर नहीं बनेंगे सब वे, राहगीरों की नहीं जेडीए को फिक्र

जयपुर. जेडीए जिन प्रोजेक्ट्स से शहरवासियों की राह सुगम करने का दावा कर रहा था, उनका काम धीमी गति से चल रहा है। लक्ष्मी मंदिर तिराहा और बी टू बाइपास पर काम अभी बमुश्किल 20 फीसदी ही पूरा हो पाया है। जिस कछुआ गति से काम चल रहा है, उससे यह साफ है कि आने वाले 15 माह में भी ये काम पूरे नहीं हो पाएंगे। ऐसे में अगली सरकार के कार्यकाल में ही ये परियोजाएं पूरी हो पाएंगी।
वहीं, चौमूं हाउस सर्कल, जेडीए सर्कल और रामबाग चौराहे को ट्रैफिक लाइट मुक्त करने की परियोजना अभी ठंडे बस्ते में है। ओटीएस चौराहे का प्रोजेक्ट भी कागजों से निकल जमीन पर आने के इंतजार में है।


सब-वे नहीं बनेंगे, नहीं मिली जमीन
लक्ष्मी मंदिर तिराहे को ट्रैफिक लाइट मुक्त बनाने का काम चल रहा है। अप्रेल में काम शुरू हुआ और अगले 18 माह में काम पूरा करना है। जेडीए अधिकारियों का दावा है कि दिसंबर तक अंडरपास का काम पूरा कर देंगे। हालांकि, राहगीरों के लिए बनाए जाने वाले सब वे नहीं बनेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि इसके लिए जमीन अधिग्रहण करनी थी। इस वजह से जेडीए के आला अधिकारियों ने दोनों सब वे बनाने का प्रोजेक्ट ड्रॉप कर दिया। यानी राहगीरों की कोई फिक्र नहीं है। सरपट दौड़ते वाहनों के बीच पैदल यात्री यहां राह खोजते नजर आएंगे।

कहां क्या दिक्कत
-बी टू बाइपास: सीवरेज लाइन की शिफ्टिंग चुनौती बनी हुई है। भूमिगत बिजली के तार भी हैं। वाहनों का भारी दबाव होने के कारण भी काम प्रभावित हो रहा है।
-जवाहर सर्कल: यहां तीन सब वे बनने हैं। एक सब वे का काम पूरा हो गया है। दो का अभी भविष्य तय नहीं है। अन्य सौंदर्यीकरण के काम चल रहे हैं। फरवरी, 2023 में यहां काम पूरे करने हैं।
ये भी समय पर नहीं हो पाए पूरे
गांधी म्यूजियम दर्शन: दो अक्टूबर 2021 में इसका काम शुरू हुआ था। सितम्बर, 2022 में पूरा करना था, लेकिन अब इसे जेडीए मार्च तक पूरा करने की कवायद में लगा है।
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जेडीए इंजीनियरिंग विंग के निदेशक अशोक चौधरी से सवाल-जवाब
सवाल: जो प्रोजेक्ट चल रहे वे उनकी गति काफी धीमी है? तय समय में कैसे पूरे हो पाएंगे?
जवाब: हर प्रोजेक्ट में अलग-अलग तरह की दिक्कते हैं। उनको दूर करते हुए काम आगे बढ़ा रहे हैं। 20 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। हमारी कोशिश तय समय में काम पूरा करने की रहेगी।
सवाल: रामबाग, जेडीए और चौमूं हाउस सर्कल पर काम अब तक शुरू न होने की क्या वजह है?
जवाब: अभी शहर में तीन बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। कुछ काम पूरा होने के बाद बाकी चौराहों के काम शुरू किए जाएंगे। ओटीएस चौराहे का काम भी जल्द शुरू होगा।