पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल टीम ने फायरिंग और रंगदारी के मामलों में वांछित चल रहे एक लाख रुपए के इनामी गैंगस्टर रितिक बॉक्सर को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। गैंगस्टर रितिक बॉक्सर ने जयपुर के व्यापारियों और अन्य लोगों को फोन कॉल करके और वॉइस मैसेज भेज कर अवैध वसूली के लिए धमकी दी थी। जान से मारने की धमकी देने के साथ ही फायरिंग की घटना को भी अंजाम दिया था। जयपुर में जीक्लब पर फायरिंग के मामले में रितिक बॉक्सर को जवाहर सर्किल थाने में गिरफ्तार किया गया है। वारदात के बाद से ही बदमाश रितिक बॉक्सर फरार चल रहा था।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाश चंद विश्नोई ने बताया कि पिछले वर्ष 2022 नवंबर और दिसंबर में जयपुर के व्यापारियों को रंगदारी की धमकी के कॉल आए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई शुरू की थी। जीक्लब पर फायरिंग की घटना भी हुई थी। जी क्लब के मालिक अक्षय गुरनानी को 5 करोड रुपए की रंगदारी के लिए धमकी दी गई थी। जिसके बाद फायरिंग की घटना की गई। पुलिस ने मामले में चार शूटर्स को पहले गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस मुख्यालय की ओर से किए गए अनुसंधान में बदमाश रितिक बॉक्सर की भूमिका पाई गई। रितिक बॉक्सर पर एक लाख रुपए का पुलिस मुख्यालय की ओर से इनाम घोषित किया गया।
जयपुर में रंगदारी के 8 मुकदमों में चल रहा था वांछित
रितिक बॉक्सर के खिलाफ जयपुर में रंगदारी की 8 मुकदमें दर्ज हैं, जिनमें यह वांछित चल रहा था। इसके अलावा तीन मामले हनुमानगढ़ और एक मुकदमा बीकानेर में दर्ज है। रितिक बॉक्सर के खिलाफ करीब 12 मुकदमे राजस्थान में दर्ज हैं। सभी मामले रंगदारी से संबंधित है। पिछले मैंने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को गिरफ्तार करके जयपुर लाया गया था। 14 दिन की रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ में कई जानकारियां सामने आई थी। लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ में आई सूचनाओं के आधार पर प्रदेश में कई जगह पर पुलिस ने रेड भी मारी थी। जी क्लब फायरिंग मामले में रितिक बॉक्सर मुख्य आरोपी के रूप में वांटेड था।
नेपाल में होने की मिली थी सूचना
पुलिस को रितिक बॉक्सर के नेपाल होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम नेपाल बॉर्डर पर पहुंची। पुलिस की टीमें नेपाल बॉर्डर से रितिक बॉक्सर को दबोच लिया। पूछताछ करने के बाद रितिक बॉक्सर जी-क्लब फायरिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। रितिक बॉक्सर लॉरेंस बिश्नोई गैंगस्टर जुड़ा हुआ है। जयपुर की स्थानीय व्यापारियों के फोन नंबर गैंग के लोगों को उपलब्ध करवाता था। पिछले नवंबर दिसंबर के महीने में हनुमानगढ़ में एक व्यापारी को रंगदारी की धमकी देकर फायरिंग की गई थी। बीती देर रात को रितिक बॉक्सर को लाकर गिरफ्तार किया गया है। अभी पूछताछ की जा रही है।
लॉरेंस गैंग से संपर्क
वर्ष 2019 में केंद्रीय कारागार जयपुर में बंद रहते हुए संपत नेहरा के माध्यम से लॉरेंस विश्नोई से रितिक बॉक्सर का परिचय हुआ था। बाद में गोल्डी बराड़ और अनमोल विश्नोई से जुड़ गया। फिर गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया। रितिक बॉक्सर के इशारे पर महकदीप और युद्धवीर ने इंदर हिसारिया की दुकान पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था। जिसमें दोनों की गिरफ्तारी हो चुकी है। करीब 4 महीने तक नेपाल में फरारी के दौरान रितिक ने गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा और अनमोल विश्नोई से जरिए मोबाइल नेटवर्क संपर्क करके जयपुर शहर में वारदातों को अंजाम दिलाया था।
रितिक बॉक्सर नेपाल कैसे भागा-
हनुमानगढ़ में रहने वाले व्यापारी इन्द्र हिसारिया से रंगदारी के मामले में करवाई गई फायरिंग की घटना में रितिक बॉक्सर को 5 साल की सजा हो गई थी, जो बदले की भावना से हिसारिया पर दोबारा से फायरिंग की योजना बनाई। जिसके बाद घड़साना के महकदीप और युद्धवीर विक्रम समेत अन्य को फायरिंग के बारे में निर्देश देकर पकड़े जाने से बचने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए 21 नवंबर 2022 को घड़साना, बीकानेर, जयपुर, आगरा, गोरखपुर, बेतिया होते हुए रक्सौल बॉर्डर से वीरगंज नेपाल में घुस गया था। रितिक बॉक्सर ने नेपाल में काठमांडू, नारायण घाट, पोखरा, धुंचे में अलग-अलग पेइंग गेस्ट हाउस में फरारी काटी।