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पुस्तकालयों का होगा आधुनिकीकरण, 344 लाख रुपए का बजट प्रस्ताव स्वीकृत

शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य पुस्तकालय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न पुस्तकालयों के भवन विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए लगभग 344 लाख रुपए का बजट प्रस्ताव स्वीकृत किए गए साथ ही चल पुस्तकालय के निर्माण के लिए 15 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Dec 06, 2021

पुस्तकालयों का होगा आधुनिकीकरण,  344 लाख रुपए का बजट प्रस्ताव स्वीकृत

पुस्तकालयों का होगा आधुनिकीकरण, 344 लाख रुपए का बजट प्रस्ताव स्वीकृत


राज्य पुस्तकालय समिति की बैठक आयोजित
लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने ली बैठक
जयपुर। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल की अध्यक्षता में सोमवार को राज्य पुस्तकालय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न पुस्तकालयों के भवन विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए लगभग 344 लाख रुपए का बजट प्रस्ताव स्वीकृत किए गए साथ ही चल पुस्तकालय के निर्माण के लिए 15 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई। इस दौरान गोयल ने कहा कि विभाग हर पंचायत में और हर वार्ड में आधुनिक सुविधाओं से युक्त पुस्तकालय स्थापित करने के लिए कृत संकल्प संकल्पित है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा की विभाग के सीमित संसाधनों का उचित व न्यायसंगत वितरण होना चाहिए जिससे प्रदेश के हर क्षेत्र में विद्यार्थियों को पठन पाठन के लिए अच्छा पुस्तकालय मिल सके। बैठक में राजा राममोहन राय पुस्तकालय प्रतिष्ठान, कोलकाता के महानिदेशक प्रो. अजय प्रताप सिंह ने कहा राज्य में पुस्तकालयों के ग्रामीण स्तर पर विस्तार के लिए अच्छा काम कर रहे एनजीओ के साथ मिलकर काम करना चाहिए और एक नवाचार के रूप में पुस्तकालय की पहुंच बढ़ाने के लिए चल पुस्तकालय को प्रोत्साहन देना चाहिए। बैठक में पुस्तकालय विभाग के सभी आला अधिकारी उपस्थित रहे।

बाबा साहेब की विचारधारा हमेशा प्रासंगिक: बाबूलाल नागर

जयपुर। बीआर अम्बेडकर स्टडी सेंटर राजस्थान विश्व विद्यालय की ओर से डॉ.बी आर अम्बेडकर मेमोरियल व्याख्यान का आयोजन किया गया। अर्थशास्त्र विभाग में आयोजित मेमोरियल व्याख्यान में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक बाबूलाल नागर ने कहा कि बाबा साहेब की विचारधारा हमेशा प्रासंगिक रहती है पर दुर्भाग्यवश चुनावों के समय ही उनको याद किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ.आरएन मीणा ने अम्बेडकर के विचारों को संविधान के संदर्भ में हितकारी तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत करते हुए संविधान की मूल भावना को हमेशा अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो.एसएल शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि या जिस जाति.व्यवस्था को समाप्त करने की बात डॉ.अम्बेडकर ने की थी उसे समाप्त करने के लिए हमें मानव बन कर मानवता के हित के बारे में सोचना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राजीव जैन ने अम्बेडकर के विचारों को जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बनाने पर बल दिया। अम्बेडकर चेयर के इंचार्ज प्रो. रामेश्वर भी व्याख्यान दिया। अंत में कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ.जीएल मीणा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए यह बताया गया कि डॉ. बीआर अम्बेडकर ने राजनैतिक सुधार व आर्थिक सुधारों की पूर्व.शर्त के रूप में सामाजिक सुधारों पर जोर दिया।