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Life On Earth: प्राचीन चट्टानें बताएंगी, कैसे सुरक्षित रहेगा जीवन

धरती के केंद्र में बनी ठोस आंतरिक सतह की चट्टानें इसका सुराग रखती हैं कि पृथ्वी पर जीवन को कैसे बचाए रखा जा सकता है। पृथ्वी पर चुंबकीय क्षेत्र जीवन के लिए जरूरी है। इस चुंबकीय क्षेत्र का निर्माण पृथ्वी की ठोस आंतरिक सतह के साथ हुआ था। ये चट्टानें मानव जीवन से जुड़े कई रहस्य खोल सकती हैं। नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित पैलियोमैग्नेटिक शोध में रोचेस्टर विश्वविद्यालय के डीन जॉन टार्डुनो ने बताया कि पृथ्वी की सतह से 2800 किलोमीटर नीचे पिघले लोहे के कारण पृथ्वी पर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। 56.5 करोड़ साल पहले चुंबकीय क्षेत्र 10% कम था।

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एक कतार

एक कतार

धरती के केंद्र में बनी ठोस आंतरिक सतह की चट्टानें इसका सुराग रखती हैं कि पृथ्वी पर जीवन को कैसे बचाए रखा जा सकता है। पृथ्वी पर चुंबकीय क्षेत्र जीवन के लिए जरूरी है। इस चुंबकीय क्षेत्र का निर्माण पृथ्वी की ठोस आंतरिक सतह के साथ हुआ था। ये चट्टानें मानव जीवन से जुड़े कई रहस्य खोल सकती हैं। नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित पैलियोमैग्नेटिक शोध में रोचेस्टर विश्वविद्यालय के डीन जॉन टार्डुनो ने बताया कि पृथ्वी की सतह से 2800 किलोमीटर नीचे पिघले लोहे के कारण पृथ्वी पर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। 56.5 करोड़ साल पहले चुंबकीय क्षेत्र 10% कम था।

मंगल पर सूख गए थे समुद्र
शोधकर्ताओं का मानना है कि मंगल पर पहले चुंबकीय क्षेत्र था। यह विलुप्त हुआ तो पानी सूख गया और वह समुद्रहीन हो गया। चुंबकीय क्षेत्र खत्म होने से ही मंगल सौर हवाओं की चपेट में आया। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकालता कि चुंबकीय क्षेत्र के बिना पृथ्वी के हालात भी ऐसे ही होते।

सूर्य की विकिरणों से बचाता है चुंबकीय क्षेत्र
पृथ्वी की आंतरिक सतह से ऊपर आने वाले खनिजों के अध्ययन से पता चलता है कि ठोस आंतरिक कोर का निर्माण 55 करोड़ साल पहले हुआ था। शोधकर्ता इस निर्माण के लिए चुंबकीय क्षेत्र के तेजी से नवीनीकरण को जिम्मेदार मानते हैं। इससे साफ है कि ठोस आंतरिक कोर पिघले हुए बाहरी कोर को रिचार्ज करता है। यह चुंबकीय क्षेत्र की ताकत को बहाल करता है। बढ़ती आंतरिक कोर की संरचना 45 करोड़ साल पहले बदल गई थी।