
जयपुर। नई फसल के आगमन की खुशी में जयपुर के लोहडी का पर्व मनाया जा रहा है। शहर में जगह—जगह पर पंजाब की संस्कृति साकार हो उठी। सुबह से ही पंजाबी समाज के घर—घर लोहड़ी का उल्लास देखने को मिला, वहीं शाम होते ही घर—घर लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित की गई। श्रद्धालुओं ने पंजाबी गीतों के साथ लोहड़ी की अग्नि के परिक्रमा लगाई। अग्नि में मक्का के दाने, मूंगफली अर्पित कर सुख—समृद्धि की कामना की। नवजात शिशु और नवविवाहिताओं के घरों में लोहड़ी का विशेष उत्साह दिखा।
मुख्य आयोजन राजस्थान प्रदेश पंजाबी महासभा की ओर राजापार्क में हुआ। यहां गोकाष्ठ से लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित की गई। इसके साथ ही गिद्दा और भांगड़ा जैसे नृत्यों की प्रस्तुति दी गई। कोविड के दो साल बाद यहां मेले का आयोजन किया गया, जहां पंजाबी समाज के साथ अन्य समुदाय के लोगों ने भी लुत्फ उठाया। वहीं पंजाब के सिंगर्स ने भांगड़ा और गिद्दा की प्रस्तुति दी, जिस पर समाजबंधुओं ने भी नृत्य किया। कार्यक्रम में सांसद रामचरण बोहरा व विधायक कालीचरण सराफ, भाजपा संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर आदि मौजूद रहे। राजस्थान प्रदेश पंजाबी महासभा के जिलाध्यक्ष रवि नैय्यर ने बताया कि इस बार लोहड़ी जलाने के लिए लकड़ी के बजाय गोकाष्ठ का उपयोग किया गया। शहर के गली—मोहल्लो के अलावा पिछले 30 साल से सबसे बड़ी लोहड़ी राजापार्क के मुख्य चौराहे पर जलाई जा रही है। इस बार 150 किलो गोकाष्ठ से लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित की गई। इससे 400 पेड़ों को बचाने का संकल्प पूरा हुआ।
Published on:
13 Jan 2023 08:45 pm
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