7 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

loksabha election 2024 : सियासी किस्मत हो तो ज्योति मिर्धा जैसी… बेनीवाल फैक्टर कंट्रोल करने को BJP ने खेला बड़ा दांव

बीजेपी की पहली लिस्ट में राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों में से 15 पर उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। 15 में से एक सीट पर ही महिला को उम्मीदवार

2 min read
Google source verification
jyoti_mirdha.jpg

loksabha election 2024 : जयपुर। बीजेपी की पहली लिस्ट में राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों में से 15 पर उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। 15 में से एक सीट पर ही महिला को उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी ने किसान नेता रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय नाथूराम मिर्धा की पोती व पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा को नागौर लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है।

बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में नागौर सीट पर बीजेपी ने हनुमान बेनीवाल की पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से गठबंधन किया था। लेकिन, इस बार अपना उम्मीदवार उतारा है। माना जा रहा है कि बीजेपी ने नागौर में बेनीवाल फैक्टर को कंट्रोल करने के लिए ज्योति मिर्धा पर दांव लगाया है।

सियासी गलियारों में चर्चा है कि किस्मत हो तो मिर्धा जैसी हो। शनिवार सुबह ही ज्योति मिर्धा को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाते हुए प्रदेश संगठन में भी अहम जिम्मेदारी भी दी गई थी। इसके बाद शाम होते—होते मिर्धा को नागौर से टिकट देकर बीजेपी ने बड़ा दांव खेला। ज्योति मिर्धा विधानसभा चुनावों से ठीक पहले ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। इसके बाद बीजेपी ने ज्योति मिर्धा नागौर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, वो रिश्ते में अपने चाचा और कांग्रेस प्रत्याशी हरेंद्र मिर्धा के सामने चुनाव हार गई थीं। इसके बावजूद बीजेपी ने एक बार फिर ज्योति मिर्धा पर भरोसा जताया है और नागौर से चुनावी रण में उतारा है।

यह भी पढ़ें : Loksabha Election 2024 : झाझड़िया की उम्र सबसे कम, लुंबाराम 10वीं पास, जानिए राजस्थान के 15 उम्मीदवारों की पूरी प्रोफाइल



नागौर में हनुमान बेनीवाल के फैक्टर को कंट्रोल करने के लिए बीजेपी ने बड़ा दांव खेला है। इसके साथ ही बीजेपी ने आरएलपी के गठबंधन को किनारा कर अब नागौर में खुद का प्रत्याशी चुनावी रण में उतारा है। दरअसल, नागौर में बीजेपी को ऐसी ही उम्मीदवार की तलाश थी, जो जाट वोट बैंक को साध सके। ज्योति मिर्धा के परिवार का नागौर में काफी दबदबा है। ऐसे में बीजेपी ने ज्योति को टिकट दिया है, ताकि बेनीवाल फैक्टर को लोकसभा चुनाव में कंट्रोल किया जा सके।

यह भी पढ़ें : Lok Sabha election-2024 : राजस्थान में इसलिए कटे इन 5 सांसदों के टिकट, पढ़ें-इनसाइड स्टोरी

कांग्रेस के टिकट पर ज्योति मिर्धा ने तीन बार लोकसभा का चुनाव लड़ा। लेकिन, एक बार ही जीत मिली। ज्योति मिर्धा नागौर से साल 2009 में पहली बार लोकसभा सांसद चुनी गई थी। हालांकि, साल 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव हार का सामना करना पड़ा था
पिछले साल हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ज्योति मिर्धा बीजेपी में शामिल हो गई। बीजेपी ने उन्हें नागौर से प्रत्याशी बनाया, लेकिन वो जीत नहीं पाई। अब बीजेपी ने एक बार फिर ज्योति मिर्धा पर दांव खेला है।


पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा नागौर के बड़े राजनीतिक घराने मिर्धा परिवार से ताल्लुक रखती हैं।ज्योति मिर्धा की पहचान उनके दादा नाथूराम मिर्धा के नाम से हैं। ज्योति के दादा का जाट बहुल क्षेत्रों में अच्छा प्रभाव था। नाथूराम मिर्धा स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक होने के साथ वरिष्ठ किसान नेता थे। कांग्रेस के दिग्गज नेता नाथूराम मिर्धा 4 बार विधायक और छह बार सांसद के साथ—साथ कई सरकारों में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके थे। नई दिल्ली में 26 जुलाई, 1972 को जन्मीं ज्योति ने जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज से MBBS की डिग्री ली है। ज्योति मिर्धा की शादी नरेंद्र गहलोत से हुई है और उनके एक बेटा है।