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sustainability companies: सस्टेनेबिलिटी पर सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली निजी कंपनियों की तलाश

2021 कॅप्री ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड हुरून इंडिया इम्पैक्ट 50 की घोषणा की, जो संयुक्त राष्ट्र संघ के 17 SDGs (सतत विकास लक्ष्यों) के साथ तालमेल बिठाते हुए अपना कारोबार करने वाली उन शीर्ष 50 कंपनियों की सूची है, जिनके मुख्यालय भारत में स्थित हैं।

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sustainability companies:  सस्टेनेबिलिटी पर सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली निजी कंपनियों की तलाश

sustainability companies: सस्टेनेबिलिटी पर सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली निजी कंपनियों की तलाश

कॅप्री ग्लोबल कॅपिटल लिमिटेड और हुरून इंडिया ने साथ मिलकर 2021 कॅप्री ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड हुरून इंडिया इम्पैक्ट 50 की घोषणा की, जो संयुक्त राष्ट्र संघ के 17 SDGs (सतत विकास लक्ष्यों) के साथ तालमेल बिठाते हुए अपना कारोबार करने वाली उन शीर्ष 50 कंपनियों की सूची है, जिनके मुख्यालय भारत में स्थित हैं। हुरून रिसर्च ने 2021 हुरून इंडिया 500 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनीज के साथ शुरुआत की और वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट ईएसजी, सीएसआर, सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट और मीडिया रिपोर्टों सहित सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध डेटा का उपयोग करके एक स्कोरकार्ड तैयार किया। स्कोरिंग की प्रक्रिया तय करने के लिए 5 सदस्यों वाले सलाहकार पैनल का गठन किया गया, जिसमें पेशेवरों से लेकर शिक्षाविदों तक विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ शामिल थे।
रिपोर्ट की खास बातें

भारत की सबसे ज्यादा सस्टेनेबल कंपनी
सूची में ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने पहला स्थान हासिल किया, जिसे सस्टेनेबिलिटी के पैमाने पर कुल मिलाकर 47 अंक दिए गए। पिछले साल ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने 17 सतत विकास लक्ष्यों में अपना योगदान दिया, जिसमें से चार लक्ष्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया गया। 46 अंकों के साथ टेक महिंद्रा ने दूसरा स्थान हासिल किया, जिसके बाद इस सूची में टाटा पावर कंपनी को स्थान दिया गया।

सभी सतत विकास लक्ष्यों को एक समान अहमियत नहीं
सूची में 50 में केवल 14 कंपनियों ने संयुक्त राष्ट्र के 17 SDGs के आधार पर सस्टेनेबिलिटी से संबंधित अपने लक्ष्यों को हासिल किया। सूची में शामिल की गई कंपनियों ने जिन SDGs (सतत विकास लक्ष्यों) को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी, उनमें जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई (SDG13) और जिम्मेदारी के साथ उपभोग एवं उत्पादन (SDG12) शामिल हैं। भारतीय कंपनियों ने जलीय जीवों की सुरक्षा (SDG14) को सबसे कम प्राथमिकता दी हैं। केवल अडानी पोर्ट और स्पेशल इकोनॉमिक जोन के प्रलेखित औसतीय दस्तावेजों के अनुसार, दोनों कंपनियां इस लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं।

मापनीय लक्ष्य
2021 कॅप्री ग्लोबल कॅपिटल लिमिटेड हुरून इंडिया इम्पैक्ट 50 की सूची के अनुसार 37 कंपनियां जलवायु परिवर्तन पर सर्वाधिक मापनीय लक्ष्य रखते हुए कार्यरत हैं। इसके बाद जिम्मेदारी के साथ उपभोग एवं उत्पादन के लक्ष्य पर 31 कंपनियों द्वारा मापनीय लक्ष्य रखते हुए कार्य किया जा रहा हैं। हिंदुस्तान यूनिलीवर ने सतत विकास के सबसे ज्यादा लक्ष्यों, यानी 8 लक्ष्यों को समय-सीमा के भीतर पूरा किया, जिनका मूल्यांकन आंकड़ों की कसौटी पर किया जा सकता है तथा इसके बाद आईटीसी और टेक महिंद्रा ने सात-सात लक्ष्य हासिल किए। सबसे रोचक बात यह थी कि सूची में शामिल 3 कंपनियों के पास इन 17 बुनियादी लक्ष्यों में से एक के लिए भी मापनीय लक्ष्य का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।

हरियाली को बढ़ावा देना
सूची में शामिल केवल 29 कंपनियों ने समय-सीमा के भीतर कार्बन तटस्थता (न्यूट्रैलिटी) हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ईटीसी और इन्फोसिस दो ऐसी कंपनियां हैं, जिन्होंने क्रमश: साल 2006 और 2020 में कार्बन तटस्थता को हासिल किया था। सिपला और अडानी पोर्ट्स के साथ-साथ स्पेशल इकोनॉमिक जोन ने साल 2025 तक कार्बन तटस्थता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, अल्ट्राटेक सीमेन्ट, हिंदुस्तान िजंक और टेक महिन्द्रा ने उत्सर्जन कम करने के लिए आंतरिक स्तर पर कार्बन प्राइसिंग पॉलिसी लागू की है।

प्रमुख भौगोलिक क्षेत्र और उद्योग
सूची में पूरे भारत के 13 शहरों की कंपनियां शामिल हैं। इसमें मुंबई की 27 कंपनियां और नई दिल्ली की चार कंपनियां शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक आठ कंपनियां वित्तीय सेवा क्षेत्र से जुड़ी हैं, जिसके बाद सॉफ्टवेयर क्षेत्र की 6 कंपनियां और सेवा क्षेत्र की कंपनियां इस सूची में शामिल हैं। 2021 कॅप्री ग्लोबल कॅपिटल लिमिटेड हुरून इंडिया इम्पैक्ट 50 में विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों का औसत स्कोर 36 है और यह सेवा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के औसत स्कोर 34 से अधिक है।
जिनिशा शर्मा, सोशल इम्पैक्ट एंड स्ट्रेटेजी एक्ज़ीक्यूटिव, 2021 कॅप्री ग्लोबल कॅपिटल लिमिटेड ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि यह रिपोर्ट बड़ी और छोटी, दोनों तरह की ज्यादा-से-ज्यादा कंपनियों को प्रेरित एवं कार्यरत करें, ताकि वे अपने व्यवसाय से जुड़ी गतिविधियों से बड़े पैमाने पर समाज और पर्यावरण पर होने वाले प्रभाव को बेहतर ढंग से समझ सकें। कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी से भी आगे, कंपनियों के लिए व्यवसाय से जुड़ा एक मजबूत कारण है, जिस वजह से वे न केवल शेयरधारकों बल्कि हितधारकों के लाभ के लिए नए-नए तरीके खोज रहे हैं। यह सूची तो सिर्फ एक शुरुआत है और हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले वर्षों में कई अन्य कंपनियां भी इसमें भाग लेने के लिए आगे आएंगी।
अनस रहमान जुनैद, एमडी, ह्यूरन इंडिया ने कहा, 2021 कॅप्री ग्लोबल कॅपिटल लिमिटेड हुरून इंडिया इम्पैक्ट 50 सूची कंपनियों के स्टेकहोल्डर्स के लिए लक्षित है, ताकी वें संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को पालन करने का लक्ष्य बना सके। इस सूची के कंपनियों की कहानियां, आधुनिक भारत में सतत विकास की कहानी को बयां करती हैं। यह सूची दर्शाती है कि भारतीय कंपनियां सतत विकास लक्ष्यों का व्यवस्थित तरीके से मूल्यांकन करने और रिपोर्ट करने के लिए पूरे उत्साह के साथ संरचना में जरूरी बदलाव कर रही हैं। हम उम्मीद करते हैं कि यह सूची ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाते हुए अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।