16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भगवान परशुराम जन्मोत्सव रविवार से गणपति निमंत्रण से शुरू—15 दिन होंगे भव्य आयोजन

भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम भगवान का जन्मोत्सव पहली बार एक दो नहीं बल्कि कई दिनों तक अनूठे अंदाज में मनाया जाएगा। 22 अप्रेल को अक्षयतृतीया के साथ ही जन्मोत्सव मनाया जाएगा। राज्य स्तरीय भगवान परशुराम जयंती महोत्सव की शुरुआत रविवार को सर्व ब्राह्मण महासभा की ओर से प्रथम पूज्य भगवान गणेश को निमंत्रण देने के साथ होगी।

less than 1 minute read
Google source verification
download.jpg

शुक्रवार को चौडा रास्ता में हुई बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने बताया कि 15 दिवसीय आयोजन के तहत मुख्य कार्यक्रम शस्त्र पूजन का होगा। 22 अप्रेल को परशुरामजी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करवाई जाएगी। बताया कि सुबह 9 बजे मोती डूंगरी स्थित गणेश मंदिर में गणेश निमंत्रण के साथ होगी। महोत्सव के तहत 18 अप्रेल को चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वर महादेव मंदिर में 5100 दीपकों से महाआरती होगी। 20 अप्रेल को बनीपार्क में महासभा के प्रधान कार्यालय पर विचार गोष्ठी होगी, जिसमें भगवान परशुराम जी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व विषय पर चर्चा होगी। राष्टीय अध्यक्ष आचार्य राजेश्वर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, जयपुर शहर युवा अध्यक्ष अविकुल शर्मा मौजूद रहे।

मुख्य समारोह 22 अप्रैल को भगवान की मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा का होगा। अब तक 10 मूर्तियां प्रतिष्ठित कराई जा चुकी है। जयंती समारोह 25 जिलों एवं 170 तहसील मुख्यालयों पर मनाया जाएगा।
‘ब्राह्मण रत्न’ सम्मान समारोह
उन्होंने बताया कि 23 अप्रेल को शस्त्र पूजन दिवस के तहत देशभर में शस्त्र पूजन किया जाएगा। महोत्सव के तहत 24 से 29 अप्रेल तक प्रदेश के जिलों में शोभायात्रा व वाहन रैलियां आयोजित की जाएगी। 30 अप्रेल को भगवान परशुराम जयंती समारोह के तहत जयपुर में ‘ब्राह्मण रत्न’ सम्मान समारोह होगा।.........

— विप्र महासभा और परशुराम सेना की ओर से जेएलएनमार्ग स्थित महाराणा प्रताप सभागार में भव्य पूजन का कार्यक्रम होग। प्रदेश अध्यक्ष सुनील उदेईया, अनिल चतुर्वेदी एडवोकेट ने बताया कि भगवान परशुराम विष्णु जी के छटे अवतार थे ब्राह्मण संगठनों के साथ ही सर्व समाज के प्रमुख गण पूजा अर्चना करेंगे। सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाएगा कि ब्राह्मण हमेशा सर्वे भवंतु सुख़नह, सर्वे संतु निरामया का संदेश देता रहा है। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में प्रथम निमंत्रण से कार्यक्रम की शुरुआत की।